रायपुर : प्रदेश के बच्चों को बाल दिवस पर मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा योजना की सौगात : शिक्षा के क्षेत्र में चमत्कारों के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़: डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री ने की घोषणा: बच्चों के लिए बनेगा अत्याधुनिक प्लेनेटोरियम

रायपुर 14 नवम्बर 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती ‘बाल दिवस’ के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से स्कूली बच्चों के लिए मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने जिला मुख्यालय दुर्ग मंे इस योजना के साथ ही बाल मेला- समरसता की किलकारी‘’ का भी शुभारंभ किया। डॉ. सिंह ने स्कूल बच्चों की सुरक्षा और उनके लिए संचालित स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं पर केन्द्रित एक स्मारिका बच्चों के लिए तैयार अभ्यास  पुस्तिका  और मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा योजना की पुस्तिका का भी विमोचन किया।
समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा - छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा के क्षेत्र में चमत्कारों के साथ आगे बढ़ रहा है। स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों की सुरक्षा और उनकी उपस्थिति बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। डॉ. रमन सिंह ने प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित नेहरू को याद करते हुए कहा कि नेहरू जी ने देश के बच्चों को प्यार और स्नेह दिया और बच्चों के लिए कई सपने देखे। समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बच्चों के लिए दुर्ग में एक अत्याधुनिक तारामंडल (प्लेनेटोरियम) की स्थापना भी जल्द करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसमें बच्चों को सौर मंडल के अध्ययन की सुविधा होगी और उनमें अंतरिक्ष को लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा। समारोह का आयोजन दुर्ग स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम में किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई प्रतिभावान स्कूली बच्चों को सम्मानित भी किया।

डॉ. सिंह ने समारोह में जनता को सम्बोधित करते हुए कहा - बच्चों शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार देना भी हम सबकी जिम्मेदारी है। शिक्षा पीढ़ियों के निर्माण के लिए होती है। उन्होंने इस अवसर पर स्कूली बच्चों के साथ अलग से बैठकर बातचीत की और उनके कई सवालों के जवाब भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा-किसान की तरह अपनी पीढ़ियों के भविष्य निर्माण के लिए अच्छी सोच रखने वाले व्यक्ति ही बच्चों को अच्छी शिक्षा और अच्छे संस्कार देते हैं। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने जो सपना और सोच की परिकल्पना किया था उसे आज छत्तीसगढ़ की सरकार ने साकार करने का बीड़ा उठाया है। मुख्यमंत्री ने बाल मेले के आयोजन की सराहना करते हुए समारोह में कहा - इसमें अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षकों की भी उपस्थिति से बच्चों में  अपने देश की संस्कृति और संस्कार देखने को मिल रहे हैं। नई पीढ़ी के निर्माण में बच्चों की भागीदारी हम सबके लिए प्रसन्नता का विषय है। छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए डॉ. ए.पी.जे. अब्दुलकलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान चलाया जा रहा है। प्रयास आवासीय विद्यालयों में मिल रहे मार्गदर्शन से आज दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर जैसे सुदूर आदिवासी बहुल क्षेत्रों के बच्चे अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ रहे हैं। ये बच्चे अब डॉक्टर, इंजीनियर की पढ़ाई कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में समानता के साथ सबको शिक्षा का समान अवसर पर देने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. सिंह ने दो स्कूली छात्रों विशाल कुमार और मृगेन्द्र मिश्रा को मंच पर बुलाकर उनकी चित्रकला के लिए उन्हें शाबाशी दी। दोनों विद्यार्थियों ने आधे घंटे के भीतर मुख्यमंत्री का स्कैच बनाकर उन्हें अपनी कला प्रतिभा से चकित कर दिया। डॉ. सिंह ने उनके इस हुनर की तारीफ करते हुए दोनों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समारोह को स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा और राजस्व मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डे, कार्यक्रम के संयोजक एवं भारत स्काउट गाइड के मुख्य राज्य आयुक्त श्री गजेन्द्र यादव, संसदीय सचिव श्री लाभचंद बाफना, विधायकगण श्री सांवला राम डाहरे, श्री विद्यारतन भसीन, श्री अवधेश चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माया बेलचंदन, दुर्ग नगर निगम की महापौर दुर्ग श्रीमती चंद्रिका चन्द्राकर, भिलाई चरोदा नगर निगम की महापौर श्रीमती चंद्रकांता माण्डले, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री विकासशील और संचालक स्कूल शिक्षा विभाग श्री एस.प्रकाश सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 क्रमांक-3478/स्वराज्य


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