दुर्ग : पीढ़ियों की सोच रखने वाले बच्चों में भरते हैं शिक्षा के संस्कार : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह : बाल मेले में मुख्यमंत्री ने किया बाल प्रतिभा का सम्मान

बच्चों से परिचर्चा कर किया उत्साहवर्धन
दुर्ग में बच्चों के लिए बनेगा ताराघर प्लेनेटोरियम

दुर्ग, 14 नवम्बर 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज बाल दिवस के अवसर पर दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में आयोजित बाल मेले में मेधावी स्कूली बच्चों से संवाद कर बाल प्रतिभा कर सम्मान किया। उन्होंने बच्चों के जिज्ञासा और प्रश्नों का सहजतापूर्वक जवाब देकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्र-छात्राओं के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दिया। उन्होंने बच्चों की उत्सुकता, उनकी क्षमता, वैज्ञानिक अवधारणा और अनेक क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना भी किया। बाल दिवस के अवसर पर आयोजित समरसता की किलकारी बाल मेला में आए स्कूली बच्चों-पालकों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विज्ञान की शिक्षा को बढ़ावा देने और बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान से परिचित कराने के लिए दुर्ग में प्लेनेटोरियम (ताराघर) निर्माण को भी स्वीकृति दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि दूरगामी सोच के साथ सकारात्मक रूख रखकर आगे की योजनाएं बनाने से भविष्य व पीढ़ी का निर्माण होता है। डॉ. सिंह ने कहा कि किसान कुछ महिनों के लिए खेत में बीज बोता है और फसल काटता है और फायदा कमाता है। उन्होंने कहा कि जो दस साल आगे के लिए सोचता है वह पौधा लगाता है और जब वह पौधा पेड़ बनकर फल देता है तो व्यक्ति को असीम खुशी मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की तरह ही जो व्यक्ति आने वाले सौ साल के लिए अपनी पीढ़ियों के बारे में अच्छी सोच रखते है, वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और अच्छे संस्कार देते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और संस्कार नई पीढ़ी को उर्जावान और समृद्ध बनाती है, जिससे  नए युग का निर्माण होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने जो सपना और सोच की परिकल्पना किया था उसे आज छत्तीसगढ़ की सरकार ने साकार करने का बीड़ा उठाया है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि बच्चों की उत्सुकता से ही इस बाल मेले की सफलता पता चलती है। उन्होंने कहा कि पालकों के साथ शिक्षकों की भी उपस्थिति से बच्चों में  अपने देश की संस्कृति और संस्कार देखने को मिल रहे हैं। नये पीढ़ी के निर्माण में बच्चों की सहभागिता हम सबके लिए प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। एक अभियान चलाकर शिक्षा गुणवत्ता को बढ़ाने का प्रयास किया गया है। आज जंगलों से घिरे दूरस्थ अंचल के बच्चों की प्रतिभा को देखकर वे अचंभित है। प्रयास विद्यालय के योगदान से दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर जैसे पिछड़े क्षेत्र के बच्चे अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ रहे हैं। ये बच्चे अब डॉक्टर, इंजीनियर की पढ़ाई कर अपने सपनों और भविष्य को गढ़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक नई पीढ़ी की निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। छत्तीसगढ़ में समानता के साथ सबको शिक्षा का समान अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप एक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।बाल चित्रकार ने बनाया मुख्यमंत्री का स्कैच, मंच पर मुख्यमंत्री ने किया सम्मान
स्कूली छात्र विशाल कुमार ने मुख्यमंत्री का स्कैच बनाकर उन्हें मंच पर जाकर भेंट किया। कार्यक्रम के दरम्यान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जिस स्थिति में मंच पर बैठे थे, का स्कैच बनाकर भेंट किया। मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्र की इस कला का सम्मान उसे मंच पर बुलाकर उससे हाथ मिलाकर किया। डॉ. रमन सिंह ने छात्र विशाल कुमार को अपनी शुभकामनाएं और आशीर्वाद भी दिया और उसके उज्जवल भविष्य की कामना भी की। एक अन्य छात्र मृगेन्द्र मिश्रा ने भी मुख्यमंत्री का कागज पर पेंसिल से स्कैच बनाया और मुख्यमंत्री को भेंट किया। दोनों छात्रों ने अपनी कृतियां मंच पर ही डॉ. रमन सिंह को भेंट की। मुख्यमंत्री ने भी दोनों छात्रों की इस प्रतिभा का सम्मान करते हुए उनके साथ फोटो खिचवाएं।
मुख्यमंत्री ने किया स्टॉल का अवलोकन, बच्चों की प्रतिभा को सराहा
कार्यक्रम मंे शासन की विभिन्न योजनाओं के संबंध में लगाए गए प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। स्कूली छात्र-छात्राओं के द्वारा बनाए गए विभिन्न प्रकार के मनमोहक रंगोली, पेंटिंग, चित्रकला को मुख्यमंत्री ने देखकर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने प्रयास विद्यालय निर्माण संबंधी स्टॉल के साथ-साथ बच्चों को आंगनबाड़ियों में खेल-खेल में दी जाने वाली औपचारिक शिक्षा के प्रदर्शन की भी सराहना की। डॉ. रमन सिंह ने रंगोली के रूप में बने शतरंज बोर्ड पर खेल रहे दो विद्यार्थियों को देखकर आश्चर्य व्यक्त किया और दूरदराज के क्षेत्रों में बच्चों के शारीरिक-मानसिक विकास के लिए किए जाने वाले ऐसे प्रयोगों पर शिक्षकों को बधाई दी।
बच्चांे ने दी रंगारंग लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति
विभिन्न विद्यालयों से आए स्कूली छात्र-छात्राओें ने विभिन्न लोक संस्कृति, देशभक्ति गीत-नृत्य  की मनमोहक प्रस्तुति दिया। मंच पर बैठे अतिथियों और हजारों बच्चों ने कार्यक्रम का लुप्त उठाया। मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रसन्नचित मुद्रा में कार्यक्रम का आनंद लिया।
प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। शिक्षा, खेलकूद, प्रतियोगिता के क्षेत्र में पहचान बनाने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर भविष्य निर्माण की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कुमारी कोनिका साहू एवं कुमारी चितेश्वरी यादव शासकीय माध्यमिक विद्यालय पोटिया का राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया। इसी तरह इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत जापान के लिए चयन होने पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बघेरा की कुमारी दुर्गेश सोनी, बाल कला रत्न अवार्ड के लिए, गुरूकुल पब्लिक स्कूल भिलाई के नर्सरी के छात्र सागर साहू का भी सम्मान किया गया। साथ ही शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय रिसामा की कक्षा सातवीं की छात्रा कुमारी तेजेश्वरी पटेल को मैक्स ओलम्पियॉड में जोन स्तर पर चयन के लिए शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मालवीय नगर की कक्षा आठवीं की छात्रा स्वेता को राज्य स्तर फुटबॉल प्रतियोगिता में चयन के लिए, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्टेशन मरौंदा की कक्षा आठवीं की छात्रा लक्ष्मी निर्मलकर का साइकिलिंग में राष्ट्रीय स्तर पर चयन के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही शासकीय माध्यमिक विद्यालय तितुरडीह के कक्षा दसवीं की छात्रा लक्की देवांगन का बोर्ड परीक्षा में प्रावीण्य सूची में छटवां स्थान बनाने के लिए, शासकीय पंडित जवाहर लाल नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खुर्सीपार की कक्षा नवमीं की छात्रा कुमारी वंशिका धु्रव का कक्षा नवमीं की परीक्षा में 97 प्रतिशत प्राप्त करने के लिए एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तर्रा की कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा कुमारी मीनाक्षी का ग्यारहवीं की परीक्षा में 94 प्रतिशत प्राप्त करने के लिए, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामगांव-आर की कक्षा बारहवीं की छात्रा कुमारी देवश्री का परीक्षा में  94 प्रतिशत प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया।
शिक्षा व बच्चों के कल्याण के लिए स्मारिका का विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रारंभिक शिक्षा के साथ ही बच्चों की सुरक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहायता के लिए बनाएं गए स्मारिका का विमोचन किया। इस अवसर पर कक्षा दूसरी और तीसरी के लिए शिक्षा में सहयोग के लिए अभ्यास पुस्तिका, बच्चों के मनोरंजन व ज्ञान विकसित के लिए बनाएं गए स्थानीय कहानियां, मुस्कान पुस्तकालय, ऑडियों फुल ऑन निक्की और बच्चों के सुरक्षा के लिए बनाए गए मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा कार्यक्रम का विमोचन और शुभारंभ किया।
पालक और शिक्षक मिलकर बच्चों के हुनर को तराशे: केदार कश्यप
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्कूली शिक्षा मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रत्येक बच्चों में छिपी प्रतिभा होती है। बच्चों में छुपी इस प्रतिभा को साबित करने के लिए एक विशेष अवसर की आवश्यकता होती है। उन्होंने पालक और शिक्षकों को संकल्प लेकर बच्चों की हुनर को बरकरार रखने की अपील की। शिक्षा के प्रति बच्चों की ललक और प्रतिभा को साबित करने के लिए उन्हें समुचित अवसर देने और उनका उत्साहवर्धन करने कहा। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों से अनुरोध किया कि वे बच्चों के भविष्य गढ़ने के लिए पूरी मेहनत और लगन से कार्य करने करें। बच्चों की कमजोरियों को पहचान कर उन्हें दूर करने का प्रयास कहा। मेले में राजस्व मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डे, कार्यक्रम के संयोजक एवं भारत स्काउट गाइड के मुख्य राज्य आयुक्त श्री गजेन्द्र यादव, संसदीय सचिव श्री लाभचंद बाफना, विधायकगण श्री सांवला राम डाहरे, श्री विद्यारतन भसीन, श्री अवधेश चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माया बेलचंदन, दुर्ग नगर निगम की महापौर दुर्ग श्रीमती चंद्रिका चन्द्राकर, भिलाई चरोदा नगर निगम की महापौर श्रीमती चंद्रकांता माण्डले, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग श्री विकासशील, संचालक स्कूल शिक्षा विभाग श्री एस.प्रकाश सहित अपर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए।

क्रमांक-1103 प्रभाकर


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