रायपुर : बाल अपराधों की रोकथाम के लिए चयनित प्रशिक्षकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

रायपुर, 14 नवम्बर 2017

पुलिस मुख्यालय (अपराध अनुसंधान विभाग) रायपुर द्वारा राज्य में बाल अपराधों की रोकथाम के लिए प्रशिक्षक के रूप में चयनित 80 पुलिस अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज यहां पुलिस ट्रांजिट हॉल में शुरू हो गया।  

यूनिसेफ रायपुर के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण में रेलवे पुलिस सहित राज्य के सभी जिलों से आये पुलिस अधिकारी उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपराध अनुसंधान विभाग के सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री सुजीत कुमार ने कहा कि बच्चों पर होने वाले अपराध और उनका गुम हो जाना बहुत संवेदनशील विषय है। इस पर कानून बनाकर लागू किया जाना ही पर्याप्त नहीं है। इसके लिए समाज को बच्चों के अभिभावकों तथा शिक्षण संस्थाओं को जागरूक होना पड़ेगा। श्री सुजीत कुमार ने आशा व्यक्त किया कि समस्त जिलों से आये पुलिस अधिकारी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपने आपको प्रशिक्षित करते हुए अपने-अपने जिलों के सभी स्कूल शिक्षकों तथा जन जागरूकता के माध्यम से प्रशिक्षित करेंगे और कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी देंगे।
    इस कार्यक्रम में दिल्ली से आये सर्वोच्च न्यायालय के वकील श्री अनंत अस्थाना ने बाल अपराधों की रोकथाम के विषय में ‘पॉक्सो एक्ट’ और ‘जुवेनाइल जस्टिस (जे.जे.) एक्ट’ में किए कानूनी प्रावधानों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए पुलिस अधिकारियों से कार्य के दौरान आने वाली कानूनी प्रावधानों के कठिनाईयों का उत्तर दिया।
    यूनिसेफ रायपुर की बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती गार्गी शाहा तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अधिकारी श्री नंदलाल चौधरी ने भी पुलिस अधिकारियों को सम्बोधित किया। इस अवसर पर सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती पूजा अग्रवाल सहित पुलिस मुख्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


  क्रमांक-3473/भगवती


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