दंतेवाड़ा : बस्तर लिखेगा विकास की नई गाथा: सांसद श्री दिनेश कश्यप : जावंगा के आॅडिटोरियम में वैश्विक आदिवासी उद्यमिता सम्मेलन का आयोजन

 

दंतेवाड़ा, 14 नवम्बर 2017

भारत सरकार की नीति आयोग, छत्तीसगढ़ शासन और ग्लोबल बिजनेस इंक्यूबेटर द्वारा दंतेवाड़ा जिले के जावंगा में स्थित श्री अटल बिहारी वाजपेयी एजुकेशन हब के आॅडिटोरियम में मंगलवार को वैश्विक आदिवासी उद्यमिता सम्मेलन का आयोजन किया गया।

      कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित सांसद श्री दिनेश कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर स्थित दंतेवाड़ा में वैश्विक आदिवासी उद्यमिता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर को बयान करता है। उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सुंदरता के साथ ही वन और खनिज सम्पदा से भरपूर है। उन्होंने कहा कि बस्तर में पहले अशिक्षा थी और यहां का समाज दूसरे समुदाय से जुड़ने से कतराता था, किन्तु आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और यहां के युवा भी शिक्षित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के कारण अब यहां के युवा भी मैदानी क्षेत्र के युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा जिला के जावंगा में एजुकेशन हब की स्थापना की गई है, जिसे विश्व के 100 प्रमुख संस्थानों में स्थान दिया जा चुका है और यहां के युवा अब आईएएस, आईपीएस डाॅक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि कृषि के क्षेत्र में भी विकास की नई गाथा लिख रहा हैै। यहां के किसान जैविक खेती के साथ कड़कनाथ मुर्गियों का पालन कर रहे हैं, जिनकी आपूर्ति अब दूसरे राज्यों में हो रही है। उन्होंने कहा कि यहां कई प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बुटियां हैं, इसके साथ ही यहां की इमली, शहद सहित कई वनोपजों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग कर यहां के आदिवासियों के आर्थिक स्तर को मजबूत किया जा सकता है। सांसद श्री कश्यप ने कहा कि यहां के युवाओं के लिए उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर शीघ्र ही हवाई मार्ग से जुड़ जाएगा, जिससे यहां की व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी। उन्होंने बस्तर को राजधानी तक रेल्वे मार्ग से सीधे जोड़ने के लिए सर्वे कार्य के पूर्ण होने की जानकारी देते हुए शीघ्र ही इसका निर्माण कार्य प्रारंभ होने की बात कही गई।

      इस अवसर पर नीति आयोग के सलाहकार श्री श्रीकर नायक ने लोगों को विकास की जिम्मेदारी अपने हाथों में लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप पर आधारित विकास कार्य किए जाएंगे, जिसमें हितग्राही की रुचि के अनुसार योजनाओं का लाभ दिये जाने पर बल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को अपना विकास अपने हाथों करने के लिए सफल उद्यमी अपना मार्गदर्शन देने यहां आए हैं। उन्होंने बताया कि 2010 से वैश्विक उद्यमिता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है तथा भारत में यह सम्मेलन पहली बार आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सम्मेलन में महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं का सामने आना ही सच्चा विकास है। उन्होंने यहां निवासरत आदिवासियों के विकास को जिले का समग्र विकास बताया। उन्होंने आदिवासियों को संतोषी स्वभाव का बताते हुए कहा कि पूर्व में उनकी संस्कृति से छेड़छाड़ नहीं करने की बात कहकर उन्हें विकास से दूर रखा गया। श्री नायक ने कहा कि आदिवासी भी इसी समाज का हिस्सा हैं और उनकी भी वही जरुरतें हैं, जो दूसरे समाज की हैं। उन्होंने दंतेवाड़ा जिले में चल रहे खाद्य प्रसंस्करण केन्द्र और लगभग 5 हजार एकड़ में की जा रही पपीते की खेती पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब आदिवासी समाज के लोग भी अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए बेहतर प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सम्मेलन को किया सम्बोधित

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वैश्विक आदिवासी उद्यमिता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर अंचल के दंतेवाड़ा जिले में नवाचार को बढ़ावा देने निरंतर सार्थक पहल किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में जांवगा एजुकेशन सिटी अद्वितीय पहल है। उन्होंने कहा कि जावंगा एजुकेशन सिटी आने पर क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने सहित अन्य रचनात्मक गतिविधियों मंे उल्लेखनीय प्रदर्शन करते देखकर एक अद्भुत खुशी होती है। मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने दंतेवाड़ा में आयोजित वैश्विक आदिवासी उद्यमिता सम्मेलन को क्षेत्र के युवाओं तथा उद्यमियों के लिए अनूठी पहल निरूपित करते हुए कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से स्थानीय आदिवासी युवाआंे तथा उद्यमियों को वनोपज तथा कृषि उत्पाद पर आधारित उद्यम स्थापित करने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इसके साथ इस दिशा में निरंतर नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा।

      केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री वाय एस चैधरी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किया संबोधित

केन्द्रीय विज्ञान एवं तकनीकी राज्य मंत्री श्री वाय एस चैधरी ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में वैश्विक आदिवासी उद्यमिता सम्मेलन के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में  माओवाद और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता से किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सफल उद्यमियों द्वारा बस्तर के युवाओं को मार्गदर्शन दिए जाने पर क्षेत्र के युवाओं में उद्यमिता के प्रति रुचि बढ़ेगी। उन्होंने बस्तर और दंतेवाड़ा क्षेत्र में उद्यमिता के विकास की प्रचुर संभावनाएं बताते हुए इसे मूर्त रुप देने के लिए केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के संबंध में जानकारी दी।

      बस्तर कमिश्नर श्री दिलीप वासनीकर ने इस आयोजन को बस्तर को प्रगति के पथ पर ले जाने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा शिक्षा, कृषि और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ाने के लिए राज्य शासन के निर्देशों के अनुरुप निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। वहीं बस्तर रंेज के पुलिस महानिरीक्षक श्री विवेकानंद सिन्हा ने शांति और अमन-चैन के साथ बस्तर में विकास को बढ़ावा देने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा हरसंभव सहयोग प्रदाय करने की बात कही। इस दिशा में बस्तर की युवाओं को स्थानीय वनोपज तथा कृषि उत्पाद पर आधारित उद्यमों के जरिये स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होने की अपील की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने कहा कि जिले के आदिवासी युवाओं को स्थानीय वनोपज तथा जैविक चांवल एवं अन्य उत्पाद सहित कड़कनाथ मुर्गे के व्यापार की दिशा में प्रोत्सहित करने के लिए इस उद्यमिता सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इस सम्मेलन के जरिये क्षेत्र के आदिवासी युवाओं तथा उद्यमियों को आवश्यक मार्गदर्शन सहित उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। 

      वैश्विक आदिवासी उद्यमिता सम्मेलन में झारखंड से आई रश्मि तिवारी ने मानव तस्करी और बाल विवाह को रोककर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए स्वयं के उद्यमी होने, असम के तेनजिंग बोडोसा द्वारा किशोरावस्था में किए गए संघर्षों को अपनी ताकत बनाने और रासायनिक खाद के दुष्प्रभाव को रोकने के लिए जैविक चाय की खेती कर अपने सफल उद्यमी जीवन के संबंध में बताया। जार्ज स्टीफन द्वारा प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों को आर्थिक रुप से सशक्त करने की बात कही गई। उन्होंने भारत को सबसे प्यारा देश बताया। झारखंड के अशोक सरन ने इस क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों की जमकर सराहना की गई और आदिवासियों के हस्तशिल्प के विक्रय के लिए आॅनलाईन प्लेटफार्म उपलब्ध कराने की बात कही। गुजरात के मनसुख भाई प्रजापति ने अपनी परम्परागत व्यवसाय में नवाचार के माध्यम से सफल उद्यमी होने की बात बताई और युवाओं को हताश नहीं होकर निरंतर कार्य करने को कहा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला नाग सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधी, पंचायत पदाधिकारी और देश के विभिन्न हिस्से आये उद्यमी, विशेषज्ञ तथा पुलिस अधीक्षक श्री कमलोचन कश्यप, जिला पंचायत सीईओ डाॅ गौरव सिंह और जिला प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या स्थानीय आदिवासी युवाओं के अलावा उद्यमी एवं मीडिया प्रतिनिधी सहित गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे।

सांसद श्री कश्यप ने किया उद्यमिता विकास पर आधारित स्टाॅल का अवलोकन

सांसद बस्तर लोकसभा क्षेत्र श्री दिनेश कश्यप ने वैश्विक आदिवासी उद्यमिता सम्मेलन का शुभारंभ करने के पश्चात जावंगा आॅडिटोरियम परिसर में उद्यमिता विकास पर आधारित स्टाॅलों का अवलोकन किया और हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, कंद वर्गीय फसलों सहित अन्य उत्पादों एवं सामग्रियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान हस्तशिल्प के द्वारा बेलमेटल, काष्ठशिल्प, टेराकोटा और कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा कंद वर्गीय फसलों, महिला समूहों द्वारा उत्पादित विभिन्न सामग्रियों को प्रदर्शित किया गया था।

 


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