रायपुर : हमर छत्तीसगढ़ योजना : अब तक 27 जिलों और 146 विकासखंडों के एक लाख से अधिक पंचायत प्रतिनिधि आ चुके हैं राजधानी भ्रमण पर

सहकारिता प्रतिनिधियों को मिलाकर करीब एक लाख आठ हजार

जनप्रतिनिधियों ने देखा रायपुर और नया रायपुर

 

रायपुर. 23 नवम्बर 2017

हमर छत्तीसगढ़ योजना में राजधानी के अध्ययन भ्रमण पर आने वाले पंचायत प्रतिनिधियों की संख्या एक लाख का आंकड़ा पार कर गई है। अब तक सभी 27 जिलों और 146 विकासखंडों के कुल एक लाख एक हजार 526 पंच-सरपंच रायपुर आ चुके हैं। योजना के अंतर्गत सहकारिता प्रतिनिधियों को भी राजधानी का अध्ययन प्रवास कराया जा रहा है। सहकारी क्षेत्र के छह हजार 456 निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी अध्ययन भ्रमण पर यहां आ चुके हैं। पंचायतीराज संस्थाओं और सहकारी समितियों को मिलाकर करीब एक लाख आठ हजार प्रतिनिधि अब तक राजधानी के अध्ययन भ्रमण पर आ चुके हैं। बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जिले के 679 पंच-सरपंच अभी अध्ययन यात्रा पर आए हुए हैं।

      छत्तीसगढ़ के विकास को जन-जन तक पहुंचाने एवं पंचायत प्रतिनिधियों के सशक्तिकरण के लिए 01 जुलाई 2016 को शुरू हुई यह योजना दो वर्षों तक यानि 30 जून 2018 तक चलेगी। योजना के तहत लगभग दो लाख जनप्रतिनिधियों को रायपुर और नया रायपुर का अध्ययन भ्रमण कराने का लक्ष्य है। नया रायपुर के उपरवारा स्थित होटल प्रबंधन संस्थान को योजना के आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया गया है। यहां पंचायत प्रतिनिधियों के पंजीयन, आवास, भोजन, शिक्षण-प्रशिक्षण और मनोरंजन की व्यवस्था है। योजना के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ में पिछले डेढ़ दशक में हुए विकास कार्यों, कृषि और विज्ञान के क्षेत्र में हो रही नित नई प्रगति एवं प्रदेश की संस्कृति व कला सहित शासकीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाती है।

देश भर में चर्चित हमर छत्तीसगढ़ योजना को देखने केन्द्रीय मंत्री सहित कई राज्यों के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी आ चुके हैं। इनमें वर्तमान राष्ट्रपति और बिहार के तत्कालीन राज्यपाल श्री रामनाथ कोविंद, भारत सरकार के पंचायतीराज, ग्रामीण विकास एवं खान मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत तथा झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष सहित राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, उत्तरप्रदेश और हरियाणा के मंत्री शामिल हैं। गत वर्ष 01 नवम्बर को राज्योत्सव का शुभारंभ करने आए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उस दौरान अध्ययन भ्रमण पर आए पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। भारत सरकार के पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय सहित अनेक मंत्रालयों के अधिकारी भी योजना को जानने-समझने आवासीय परिसर पहुंचे हैं।

      राज्य शासन द्वारा गांवों और कस्बों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अध्ययन, सशक्तिकरण, शिक्षण-प्रशिक्षण और उनका अनुभव संसार समृद्ध करने के लिए यह अनूठी योजना शुरू की गई है। बस्तर और सरगुजा जैसे सुदूर वनांचलों के जनप्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में अध्ययन भ्रमण पर पहुंचे हैं जिन्हें इस योजना की बदौलत पहली बार राजधानी देखने का मौका मिला। दो दिनों के अध्ययन प्रवास के दौरान पंच-सरपंचों को जंगल सफारी, मंत्रालय, विधानसभा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, साइंस सेंटर, ऊर्जा पार्क, शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, फाइव-डी इमर्सिव डोम, माना विमानतल एवं पुरखौती मुक्तांगन का भ्रमण कराया जाता है। पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो के जरिए उन्हें छत्तीसगढ़ से जुड़े पौराणिक आख्यानों, इतिहास, पुरातत्व, संस्कृति, स्वतंत्रता आंदोलन में यहां के सेनानियों के योगदान तथा छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने की कहानी के साथ ही प्रदेश की उपलब्धियों एवं योजनाओं की जानकारी दी जाती है।

      भ्रमण के साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आवासीय परिसर में प्रशिक्षण एवं सामूहिक चर्चा का आयोजन किया जाता है। इसमें वे विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी अपने अनुभव साझा करते हैं। स्वच्छता एवं विधिक जागरूकता के लिए भी यहां नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आवासीय परिसर में विधिक सहायता क्लिनिक भी संचालित है जहां उन्हें निःशुल्क कानूनी परामर्श एवं सहायता दी जाती है। भ्रमण पर आने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को योगाभ्यास भी कराया जाता है। योग प्रशिक्षक की देखरेख में वे विभिन्न आसनों का अभ्यास करते हैं। साथ ही उन्हें स्वस्थ और प्रसन्न रहने के गुर भी बताए जाते हैं।

क्रमांक-3648/कमलेश


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