महासमुंद : महासमुंद सहित राज्य के 10 जिलों का विकास के माध्यम से व्यापक बदलाव लाने के लिए चयन : संयुक्त सचिव श्रीमती निधि छिब्बर ने ली बैठक

जिला का विज़न प्लान 2022 पर चर्चा

महासमुंद, 07 दिसंबर 2017

केन्द्र शासन द्वारा महासमुंद जिले सहित छत्तीसगढ़ के 10 और देश के 115 पिछडे़ जिलों का विकास के माध्यम से व्यापक बदलाव लाने के लिए चयन किया गया है। इस संबंध में आज केन्द्र शासन की संयुक्त सचिव श्रीमती निधि छिब्बर ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर महासमुंद जिले के विकास के लिए निर्मित किए जा रहे जिला विकास योजना तथा केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर जिले के प्रभारी सचिव एवं सचिव नगरीय प्रशासन एवं सामान्य प्रशासन डॉ. रोहित यादव, कलेक्टर श्री हिमशिखर गुप्ता, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋतुराज रघुवंशी भी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है इन जिलो में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन आफ न्यू इंडिया 2022 के अनुरूप केन्द्र एवं राज्य शासन की योजनाओं पर जोर दिया जाएगा और इसके लिए समन्वय बढ़ाने तथा जिले की आश्यकता केे अनुरूप पहल करने के लिए केन्द्र शासन द्वारा केन्द्र संयुक्त सचिव श्रीमती निधि छिब्बर को महासमुंद जिले का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।

कलेक्टर ने श्री हिमशिखर गुप्ता ने बताया कि कुछ समय पूर्व महासमुंद जिले में आयोजित कार्यक्रम ’’संकल्प से सिध्दी’’ के दौरान महासमुंद जिले के वर्ष 2022 के अनुरूप जिला का विज़न प्लान बनाने का कार्य पूर्व से ही प्रारंभ कर दिया गया है। इस प्लान में कृषि प्रधान महासमुंद जिले के विकास के अनुरूप प्लान बनाने, जिले से कुपोषण की दर में कमी लाने, कौशल विकास बढाकर रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने जैसी बातों पर जोर दिया गया है। बैठक में इस प्लान का प्रदर्शन किया गया तथा चर्चा की गई।

बैठक में श्रीमती छिब्बर ने नीति आयोग के मार्गदर्शन के अनुरूप स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर जोर दिया तथा कुपोषण को दूर करने के लिए स्वसहायता समूहों की सहायता लेने, फुलवारी के माध्यम से छोटे बच्चों को लाभान्वित करने, सामाजिक, आर्थिक जाति सर्वेक्षण से वंचित लोगों को आवास जैसी सुविधाएं दिलाने की पहल करने जैसी बातों पर जोर दिया।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋतुराज रघुवंशी ने बताया कि प्रस्तावित जिला विज़न में महासमुंद जिले में भूमि एवं जल सर्वेक्षण पर जोर दिया गया है। इसके लिए जिले में बड़ी संख्या में डबरी, कुंआ, तालाब, चेकडेम और नाला बंधान जैसे कार्य करने पर बल दिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि महासमुंद जिले में हर वर्ष भू-जल स्तर नीचे जा रहा है, विश्ेाष कर सरायपाली और बसना विकासखंडों में स्थिति अधिक गंभीर है। अगर समय रहते प्रयास नहीं किए गए तो आने वाले समय में काफी गंभीर हो जाएगी।

बैठक में बताया गया कि महासमुंद जिले में लगभग 26 हजार प्रधानमंत्री आवास बनाए जा रहे है उनमें से लगभग साढ़े 10 हजार मकान बन चुके है। 545 ग्राम पंचायतों में 2 लाख एक हजार 78 शौचालय बनाएं गए है और खुले में शौचमुक्त बनाया गया है। जिले के 35 गंावों की स्वच्छता पर विश्ेाष रूप से ध्यान देते हुए सुघ्घर गंाव के रूप में विकसित किया जा रहा है। 3 हजार से अधिक आबादी वाले 11 ग्राम पंचायतों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रस्तावित किया गया है। जिले के हर एक गंाव में बिजली पहुंच चुकी है और अब हर एक घर में विद्युत पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना संचालित की जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि जिला खनिज कोष के माध्यम से 15-15 स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने और आडियों-वीडियों के माध्यम से अध्ययन की सुविधा प्रदाय की जा रही है। इसी तरह जिले में प्रारंभ स्वस्थ्य लईका जागरूक महतारी योजना के माध्यम से बच्चों के कुपोषण में कमी लाई जा रही है। इसके लिए पुरक पोषण पुर्नावास केन्द्र का भी शत-प्रतिशत उपयोग हो गया है। इसी तरह किशारी शक्ति योजना के तहत छात्रावासों में रहने वाले बालिकाओं को भी पोषण आहार दिए जाने की योजना प्रस्तावित है। जिले के सभी दिव्यांगजनों का परिचय बनाने, सभी कमार परिवारों को अनेक योजनाओं से एक साथ लाभान्वित करने, विधवा तथा परित्यकता महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देने, वन एवं कृषि विभाग के माध्यम से वर्मी कम्पोम्स, जैविक खाद तथा मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देने जैसे कार्य भी किए जा रहे है। श्रीमती निधि छिब्बर ने इन योजनाओं की उपयोगिता बढ़ाने की दृष्टि से अपने सुझाव दिए।      
   
स्वच्छता एप के माध्यम से नागरिक स्वच्छता के लिए भागीदारी बढ़ाएबैठक में प्रभारी सचिव एवं सचिव नगरीय प्रशासन एवं सामान्य प्रशासन डॉ. रोहित यादव ने बताया कि इस वर्ष सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। नगरीय निकायों में स्वच्छता बढ़ाने और रैकिंग सुधारने के लिए यह जरूरी है कि सभी नागरिक गुगल प्ले स्टोर में जाकर स्वच्छता एप डाउनलोड करें और इसके माध्यम से साफ-सफाई आदि की शिकायत करे तथा शहर में स्वच्छता को बढ़ाने के लिए अपनी भागीदारी बढ़ाए।   
क्रमांक 26/1188/पंकज


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