महासमुंद : विशेष लेख : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटी की शादी की चिंता हुई दूर : सामूहिक विवाह से योजना से दहेज प्रथा और फिजूल खर्च में आई कमी

जिले में अब तक 1916 जोड़ों का विवाह सम्पन्न

महासमुंद, 07 दिसम्बर 2017

प्रदेश सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना शुरू की गई है। महासमुंद जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत अब तक कुल 1916 कन्याओं का विवाह संपन्न कराया गया है।
 उल्लेखनीय है कि निर्धन परिवारों को कन्या के विवाह में होने वाली कठिनाईयों को दूर करने के लिये इस योजना को शुरू किया गया है। इस योजना का उद्देश्य विवाह के अवसर पर होने वाली फिजूलखर्ची को रोकना भी है। सामूहिक विवाहों के आयोजन से निर्धनों के मनोबल और आत्मसम्मान में वृद्धि एवं उनकी सामाजिक स्थिति में भी सुधार आया है। योजना का लाभ लेने के लिये कन्या गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले अथवा मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजनांतर्गत राशनकार्ड धारी परिवार की होनी चाहिए। एक परिवार की अधिकतम दो कन्याओं को योजना का लाभ दिया जाता है। साक्षर कन्याओं को विवाह में प्राथमिकता दी जाती है। पात्रता रखने वाली कन्या को इस योजना के अंतर्गत 15 हजार रूपए की अधिकतम आर्थिक सहायता प्रदाय की जाती है।
महासमुंद जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत अब तक कुल 1916 कन्याओं का विवाह संपन्न कराया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एम.डी. नायक ने बताया कि योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से न्यूनतम 18 वर्ष की युवती और 21 वर्ष के युवक का विवाह कराया जाता है, प्रति जोड़े के मान से 15 हजार रूपए की राशि व्यय हेतु शासन से प्राप्त होती है जिससे बर्तन, कपड़े तथा आवश्यक सामग्रियां क्रय कर उपलब्ध कराई जाती हैं। इस योजना से नवदम्पति परिणय-सूत्र में आबद्ध तो होते ही हैं, साथ ही इससे विवाह के नाम पर किए जाने वाले फिजुल खर्च एवं दहेज प्रथा को रोकने में काफी हद तक सफल रही है।
क्रमांक 30/1192/हेमनाथ


Secondary Links