रायपुर : राष्ट्रीय रूर्बन मिशन : पूर्वी क्षेत्र के राज्यों की दो दिसवीय कार्यशाला में बेहतर प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

रायपुर, 12 दिसम्बर 2017

श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय रूर्बन मिशन के तहत पूर्वी क्षेत्र के राज्यों की दो दिवसीय कार्यशाला में बेहतर प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह कार्यशाला भुवनेश्वर (उड़ीसा) में आयोजित की गयी। इसमें छत्तीसगढ़ सहित उड़ीसा, झारखण्ड, बिहार और पश्चिम बंगाल राज्यों ने भाग लिया। कार्यशाला में भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अंतरराज्यीय कार्यशाला में सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। इसकी जानकारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी.मण्डल को आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में रूर्बन मिशन के संचालक श्री दीपक सोनी ने दी। इस अवसर पर मिशन संचालक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) श्री भोस्कर विलास संदीपन भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय रूर्बन मिशन की शुरूआत 21 फरवरी 2016 को राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखण्ड के कुर्रूभाट गांव में की थी।
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ द्वारा रूर्बन मिशन पर सर्वोत्तम प्रस्तुतिकरण के जरिये बताया गया कि छत्तीसगढ़ सभी सूचकांकों में अग्रणी रहा। इस जानकारी पर कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी राज्यों ने इसकी प्रशंसा की। छत्तीसगढ़ को बेहतर प्रदर्शन के लिए मुख्य परियोजना प्रबंधक, राष्ट्रीय परियोजना प्रबंधन इकाई, ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार सुश्री विनीता हरिहरण एवं उड़ीसा सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री डी.के. सिंह द्वारा ’’बेस्ट परफॉरमिंग स्टेट इन इस्टर्न रिजन अंडर एनआरयूएम’’ का पुरस्कार दिया गया।
श्री सोनी ने बताया छत्तीसगढ़ राज्य पूर्वी क्षेत्रों के राज्यों में ही नही बल्कि पूरे देश में मिशन के क्रियान्वयन में शुरूआत से ही अग्रणी राज्य रहा है। कार्यशाला में श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के तहत राज्य के प्रथम एवं द्वितीय चरण के चयनित कुल दस रूर्बन क्लस्टर के लिए तैयार किए गए परियोजना की कुल लागत राशि 912 करोड़ 23 लाख (सी.जी.एफ. मद से राशि रूपए 225 करोड़ एवं अभिशरण मद से राशि 687 करोड़ 23 लाख) है। जिसके विरूद्ध अभी तक 379 करोड़ 44 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर 222 करोड़ 24 लाख का उपयोग किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ में अब तक सभी दस रूर्बन क्लस्टर खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुके है। इन सभी क्लस्टरों में ऐसे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ किए गए है। कुल लक्षित दस हजार 397 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए है। जिनमें से तीन हजार 310 आवास पूर्ण किए जा चुके है। 9090 युवाओं की काउंसलिंग कर 3640 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। लक्षित 50875 लाभार्थियों में से 8942 लाभार्थियों को डिजिटल साक्षर किया गया। क्लस्टर के अंतर्गत लक्षित 36601 परिवारों में से 27272 परिवार उज्जवला योजना के अंतर्गत लाभान्वित हुए है। सभी रूर्बन क्लस्टर में सार्वजनिक परिवहन सुविधा, नागरिक सेवा केन्द्र की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। गांवों के बीच सड़क सम्पर्क के घटक में लक्षित 251.6 किलोमीटर में से 37.4 किलोमीटर सड़क का कार्य पूर्ण कराया गया। गांव की गलियों एवं नालियां निर्माण के के घटक में लक्षित कुल 319.9 किलोमीटर सड़क सह नाली निर्माण कार्यो में से 40.4 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। सौर ऊर्जा एवं परम्परागत व्यवस्था के माध्यम से गलियों मंे प्रकाश के लिए लगभग दस करोड़ 80 लाख रूपए की परियोजना पूर्ण की जा चुकी है। स्वच्छ पेयजल के लिए 50875 परिवारों में से 19833 परिवारों को नल-जल स्थल/स्थल जल परियोजना के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध किया जा चुका है तथा नए नल कनेक्शन की कार्रवाई प्रगति पर है। इसी प्रकार कृषि के क्षेत्र में बेहतर कृषि सेवाएं उपलब्ध कराने, सिंचित क्षेत्र में वृद्धि करने एवं सौ प्रतिशत मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार कर विशेषज्ञों के सुझाव अनुसार खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। मिशन के तहत निर्धारित घटकों के साथ ही साथ सभी क्लस्टर में ’ईकोनिक एक्टिविटी’ का चयन कर उसके क्रियान्वयन की कार्रवाई की जा रहा है।  

 

क्रमांक-3930/सुदेश

 


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