दंतेवाड़ा : विशेष लेख : देश के विकास में अहम योगदान देते इंजीनियर्स

दंतेवाड़ा, 14 सितम्बर 2021

प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को अभियंता दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश के उत्थान में योगदान देने के लिए अभियंता दिवस मनाया जाता है। देश में 1968 से प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को यह दिवस मनाया जा रहा है। यह दिवस देश के महान इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती का दिन है। जिनका जन्म 15 सिंतबर 1861 में हुआ था। यह दिवस सभी इंजीनियर्स को समर्पित है। मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को थ्ंजीमत व िडवकमतद डलेवतम (आधुनिक मैसूर के जनक) के रूप में जाना जाता है। उन्हें 1955 में भारत के निर्माण में उनके असाधारण योगदान के लिए ’’भारत रत्न’’ से सम्मानित किया गया।

इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्र होते है जैसे सिविल, इलेक्ट्रीकल, इलेक्ट्रॉनिक, मेकेनिकल, कम्प्यूटर, आईटी इत्यादि। पिछले दशकों को देखे तो आपको ज्ञात होगा कि लोगों के पास मोबाइल नहीं थे, इंटरनेट सुविधा नहीं थी लेकिन तकनीकी ज्ञान होने के साथ ही हमारा विकास संभव हुआ है। इस विकास का श्रेय हमारे देश के इंजीनियर्स को जाता है। इस दिवस को मनाकर युवाओं को इस करियर के प्रति प्रेरित कर देश की उन्नति में सहयोग के लिए अभिनंदन किया जाता है। इस दिन इंजीनियरिंग कॉलेजों द्वारा कई प्रकार के कार्यक्रम जैसे वाद-विवाद, कार्यशाला, सांस्कृतिक जैसे कार्यक्रम किये जाते हैं। इंजीनियर्स के विभिन्न क्रियाकलापों से आज हम प्रगति की ओर अग्रसर है। चाहे बांध से सिंचाई व्यवस्था हो, सड़क हो या पुलिया निर्माण सभी इंजीनियर्स की देन है जो हमारी सुविधाओं को आसान करते है। भारतीय इंजीनियर्स दुनिया के शीर्ष कंपनियों में कार्यरत ही नहीं बल्कि उच्च पदों पर भी हैं। यू.एस में हमारे इंजीनियर्स जैसे सत्य नडेला माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ, सुंदर पिचाई गूगल के सीईओ, के रूप में कार्यरत हैं। अधिकतर अमेरिकन और यूरोपियन देश भारत से इंजीनियर्स हायर करते हैं। माइक्रोसॉफ्ट में 34 प्रतिशत, आईबीएम में 28 प्रतिशत कर्मचारी भारतीय हैं। इंटेल में 17 प्रतिशत भारतीय वैज्ञानिक हैं। इंजीनियर्स ने अपनी कुशलता से ऐसे तकनीकों का अविष्कार किया हैं जिससे देश के निर्माण में कार्यों को गति प्रदान की है। इसी तरह आगे भी इंजीनियर्स देश के विकास में अहम योगदान देंगे।

स.क्र./826/देविका

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