बीजापुर : टी.बी. हारेगा बीजापुर जीतेगा अभियान 10 सितम्बर से 10 अक्टूबर तक

बीजापुर 14 सितम्बर 2021
 राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत भारत शासन द्वारा सन् 2025 एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सन् 2023 तक क्षय मुक्त करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, एक्टिव केश पाइडिंग के तहत जिला बीजापुर के सभी संदेहास्पद व्यक्तियों का टीबी जांच करने हेतु ‘‘टीबी हारेगा बीजापुर जीतेगा’’ अभियान का शुभारंभ 10 सितम्बर 2021 को किया गया है।
जो कि 10 अक्टूबर 2021 तक एक माह तक चलाया जाऐगा, लोगों में जन जागरूकता लाने हेतु प्रचार-प्रसार के लिए नगरीय क्षेत्रों में होर्डिंग व ग्रामीण क्षेत्रों में बैनर, पोस्टर के माध्यम से किया जा रहा है। अभियान के दौरान जिले के 287908 जनसंख्या में संभावित टीबी मरीजों को खोजने के लिए घर-घर जाकर सर्वे एवं जांच किया जा रहा है। उक्त कार्य हेतु स्वास्थ्य विभाग के मितानिन कार्यकर्ता, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक सहित टीबी कार्यक्रम के कर्मचारियों का दल के द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही जिलेवासियों से अनुरोध किया गया है कि सर्वे करने वाले दल के सदस्यों का सहयोग करें एवं टीबी के लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है।
टीबी के लक्षण-
 दो सप्ताह से अधिक खांसी व बुखार आना।
 बलगम में खून आना।
 भूख न लगना।
 चक्कर आना।
 वजन में कमी आना।
 रात में पसीना आना।
इन लक्षणों को नजर अंदाज न करते हुए स्वास्थ्य दल को इसकी जानकारी देते हुए समय पर जांच एवं ईलाज कराने से टीबी को जड़ से मिटाया जा सकता है। समस्त शासकीय अस्पतालों में टीबी की जांच एवं ईलाज पूर्णतः निःशुल्क है, यदि किसी संदेहास्पद व्यक्ति का बलगम जांच में सकारात्मक पाया गया तो उसे शासन की ओर से निःशुल्क पूर्ण ईलाज  एवं सहायता राशि के रूप में 750 रूपये सहित पोषण आहार के तहत प्रति माह 500 रूपये छः माह तक दिया जायेगा। जिले में ट्रूनॉट, सीबी नॉट मशीन सहित माईक्रोस्कोफिक जैसे आधुनिक तकनीकी के माध्यम से टीबी का जांच निःशुल्क किया जा रहा है।
 

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