Home‘रमन के गोठ’ आकाशवाणी से प्रसारित विशेष कार्यक्रम (दिनांक 08 जनवरी, 2017, समय प्रातः 10.45 से 11.05 बजे)

Secondary links

Search

‘रमन के गोठ’ आकाशवाणी से प्रसारित विशेष कार्यक्रम (दिनांक 08 जनवरी, 2017, समय प्रातः 10.45 से 11.05 बजे)

श्रोताओं नमस्कार!

(पुरूष उद्घोषक द्वारा)
 

  • आकाशवाणी के विशेष प्रसारण ‘रमन के गोठ’ में हम, सभी श्रोताओं का हार्दिक स्वागत करते हैं, अभिनंदन करते हैं। कार्यक्रम की सत्रहवीं कड़़ी के लिए आकाशवाणी के स्टुडियो में माननीय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी पधार चुके हैं।
  • डॉक्टर साहब नमस्कार, बहुत-बहुत स्वागत है, आपका इस कार्यक्रम में। हमारी और श्रोताओं की ओर से आपको नए साल की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।
  • आप निरंतर सफलता के नए-नए कीर्तिमान स्थापित करें और प्रदेश को विकास के शिखर पर पहुंचाने के अपने संकल्प में निरंतर सफल हों। यही हम सबकी कामना है।

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • जम्मो संगी-जहुंरिया, सियान-जवान, महतारी-बहिनी मन ला जय जोहार। आप मन ला नवा साल के गाड़ा-गाड़ा बधाई।
  • यह अद्भुत संयोग है कि नए साल 2017 का पहला प्रसारण और इस कार्यक्रम की सत्रहवीं कड़ी आज एक साथ है।
  • मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मुझे इतनी शक्ति और विनम्रता, लगन और कर्मठता प्रदान करें कि विगत 13 वर्षों की तरह आने वाले वर्षों में भी जनता की सेवा अपने पूरे सामर्थ्य से कर सकूं । नए साल में हम न सिर्फ अपने पुराने संकल्पों को पूरा करेंगे बल्कि नई सोच, नई जरूरत और नई योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी  तन-मन-धन से प्रयास करेंगे।
  • आप समस्त प्रदेशवासियों के लिए नया साल बहुत शुभ हो, सुख, समृद्धि और सफलताओं से भरा हो। नए साल के पहले महीने में ऐसे अनेक पर्व व त्यौहार हैं, जो जन-जीवन को उत्साह और उमंग से भर देंगे।
  • 5 जनवरी को गुरू गोविंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व, पूरी दुनिया में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। कल 7 जनवरी को राजिम भक्तिन माता की जयंती मनाई गई। अब आगे 12 जनवरी को छत्तीसगढ़ का बहुत लोकप्रिय पर्व छेरछेरा है, जो किसान और ग्रामीण जीवन के साथ दान-पुण्य की महिमा का बखान करता है। युवाओं के प्रेरणास्त्रोत और भारतीय संस्कृति के उन्नायक स्वामी विवेकानंद का जन्म दिवस 12 जनवरी को है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति, पोंगल है, इस दिन सूर्य देवता उत्तरायण होते हैं और जो ऋतु बदलने का संकेत भी है। 19 जनवरी को डॉ. सैयदना साहब का जन्म दिवस है। 23 जनवरी को नेता जी सुभाषचन्द्र बोस की जयंती है। इन सभी अवसरों को हम सब उत्साह के साथ मनाकर अपने जीवन को तरो-ताजा करते हैं और इसका सकारात्मक संदेश ग्रहण करते हैं।

महिला उद्घोषक द्वारा

  • माननीय मुख्यमंत्री जी, वर्ष 2016 में भारत की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव की आधारशिला रखी गई। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कालाधन, जालीनोट, भ्रष्टाचार और आतंकवाद- नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए आर्थिक उपायों की साहसिक और ऐतिहासिक शुरूआत की। ‘कैशलेस इकॉनॉमी’ को बढ़ावा देने का महाअभियान शुरू किया। छत्तीसगढ़ इस नगद रहित अर्थव्यवस्था (कैशलेस इकॉनॉमी) के महाअभियान को कैसे आगे बढ़ाएगा?

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • भारतीय अर्थव्यवस्था को कालाधन की भयंकर बीमारी से मुक्त कराने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा की गई ऐतिहासिक, साहसिक, क्रांतिकारी और दूरदर्शी पहल का पहला चरण अभूतपूर्व सफलता के साथ पूरा हुआ है।
  • इससे बेइमानों, षडयंत्रकारियों और स्वार्थी तत्वों के हौसले पस्त हुए हैं। ईमानदार और देशभक्त जनता का आत्म विश्वास बढ़ा हैै। जनता को विश्वास हुआ है, कि अब इस देश में ईमानदारी की कदर होगी और बेइमानों को घुटने टेकने पड़ेंगे।
  • आर्थिक उपायों का लाभ गरीबों, किसानों, महिलाओं, जरूरतमंदों, आवासहीनों, वरिष्ठ नागरिकों को किस तरह मिलेगा, इसकी लकीर भी प्रधानमंत्री जी ने खींच दी है। इस महाअभियान के दौरान बैंकों में जमा हुए धन का सदुपयोग किस तरह होगा, इससे संबंधित कुछ घोषणाएं हो चुकी हैं और भी बहुत कुछ होना बाकी है। क्योंकि मोदी जी ने कहा है कि आगे और भी कदम उठाए जाएंगे।
  • नोटबंदी का तोहफा जनता को नए आवास ऋण की ब्याज दर में 3 से 4 प्रतिशत तक की कमी के रूप में मिलेगा। बैंकों ने पुराने आवास ऋणों की ब्याज दर भी घटा दी है। इसके अलावा मोदी जी ने रबी फसल के लिए 60 दिन का ब्याज माफ करने, गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रूपए डी.बी.टी. के माध्यम से देने, वरिष्ठ नागरिकों को बैंक में स्थाई जमा पर 8 प्रतिशत ब्याज दर देने तथा लघु उद्योगों को 2 करोड़ रूपए की गारंटी देने की घोषणा भी की है।

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • डॉ. साहब, नगद रहित लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए जो उपाय आपकी सरकार कर रही है, उसमें हाल ही में एक नया शब्द ’‘डिजिटल-आर्मी’’ सुनने को मिला है। ऐसा लगता है कि यह राज्य सरकार की कोई नई पहल है। हमारा अनुरोध है कि ’‘डिजिटल-आर्मी’’ पर प्रकाश डालकर, हमारे श्रोताओं की जिज्ञासा शांत करें।

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए उपायों और विकल्पों के बारे में मैंने पिछली बार विस्तार से बताया था। यू.पी.आई. एप/यू.एस.एस.डी.-स्टार 99 हैश/प्री-पैड वॉलेट या ई-बटुआ/पी.ओ.एस. मशीन, आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम। ये पांच तरीके हैं, जिससे हम नगद के बिना लेनदेन कर सकते हैं। हमने छत्तीसगढ़ में ‘मोर खीसा एप’ लांच किया है, जो एक क्लिक पर सभी विकल्पों को दिखाएगा, आप इसमें से अपनी पसंद के विकल्प का इस्तेमाल कैशलेस भुगतान के लिए कर सकते हैं।
  • जनता को सभी तरीकों का प्रशिक्षण देने के लिए बहुत बड़ा अभियान राज्य में छेड़ा है। सबसे पहले 9 दिसम्बर को रायपुर में मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया, जो ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक, हाट-बाजार से लेकर शहरों के व्यापारियों तक को प्रशिक्षित करने मंे जुट गए है। इस तरह हर नया प्रशिक्षित व्यक्ति मास्टर ट्रेनर बनता गया और 20 दिनों के रिकार्ड समय में 14 लाख नागरिक तथा एक लाख व्यापारी डिजिटल भुगतान का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
  • राज्य में कैशलेस लेनदेन के लिए प्रशिक्षित लोगों की संख्या 15 लाख से अधिक हो चुकी है, जो हर दिन बढ़ रही है। इन प्रशिक्षित लोगों को ही हम ’‘डिजिटल-आर्मी’’ कहते हैं।
  • आपको यह जानकर खुशी होगी कि सर्वाधिक लोगों को प्रशिक्षण देने वाले हम देश के अव्वल राज्य बन गए हैं। 31 दिसम्बर 2016 तक जितने लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, उससे तीन गुना अधिक लोगों को हम प्रशिक्षित कर चुके हैं। हर जिले में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पंचायत तथा विभिन्न विभागों द्वारा पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ यह प्रशिक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है, जिससे ’’कैशलेस-ट्रांजेक्शन’’ करने वाले व्यापारियों तथा आम नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
  • मुझे विश्वास है कि जल्दी ही हम प्रदेश की ढाई करोड़ जनता को कैशलेस लेनदेन के लिए प्रशिक्षित कर देंगे और प्रदेश का हर नागरिक हमारी ’‘डिजिटल-आर्मी’’ का प्रशिक्षित सैनिक होगा। इससे डिजिटल साक्षरता का भी विस्तार बहुत से तेजी से होगा। हमारी ’‘डिजिटल-आर्मी’’ जन-सशक्तीकरण का माध्यम बनेगी और एक पंथ और कई काज करेगी।

महिला उद्घोषक द्वारा

  • माननीय मुख्यमंत्री जी, ’’कैशलेस-ट्रांजेक्शन’’ बड़े लेनदेन या बड़े व्यापारियों के लिए ज्यादा उपयोगी है या आम जनता, छोटे व्यापारी के लिए भी इसकी उपयोगिता है?

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • मेरा मानना है कि कैशलेस इकॉनॉमी गांव, गरीब, किसान के लिए वरदान है। क्योंकि यह उन्हें अपने मेहनत और हक का पूरा पैसा दिलाने का माध्यम बनेगी।
  • बड़े व्यापारी या बड़ी संस्थाएं, बड़े भुगतान करते हैं, उसमें राशि भले अधिक हो लेकिन संख्या कम होती है। आम जनता की संख्या ज्यादा होती है, इसलिए मेरी मान्यता है कि बड़े व्यापारियों के लेनदेन में ईमानदारी और पारदर्शिता की दृष्टि से इसका उपयोग है, लेकिन गरीब मध्यम वर्गीय लोगों, छोटे दुकानदार और आम जनता के लिए तो इसमें फायदे ही फायदे हैं। सबसे पहला फायदा तो उनकी राशि की सुरक्षा है।
  • जब कोई व्यक्ति शासकीय योजना या अन्य वस्तु या सेवा के बदले में नगद भुगतान प्राप्त करता है, तो सबसे पहली बात तो यही होती है कि उसे पूरी राशि मिले। कहीं किसी तरह की कटौती न हो और न ही कहीं कोई मेहनत की कमाई पर डंडी न मार दे।
  • नगद पैसा गुमने, चोरी होने, धोखाधड़ी होने आदि की आशंकाओं से भरा होता है। जब आप अपने पास नगद धन नहीं रखंेगे तो इन सब से भी बचेंगे।
  • जब गांव-गांव में बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग मोबाइल फोन चलाना सीख लेते हैं तो कैशलेस लेनदेन भी सीख सकते हैं, इसके लिए बहुत पढ़ा-लिखा होने की जरूरत नहीं है। अब तो अंगूठे के निशान से ही आप लेनदेन कर सकते हैं। आपका अंगूठा ही बैंक बन जाएगा। माननीय प्रधानमंत्री जी ने ‘भीम एप’ का लोकार्पण किया है, जो आधार कार्ड के माध्यम से लेनदेन के लिए होगा। मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी है कि लोग इन तरीकों को बहुत तेजी से न केवल सीख रहे हैं, बल्कि उपयोग में भी ला रहे हैं।

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • डॉ. साहब, क्या आप कुछ ऐसे उदाहरण बता सकते हैं कि जहां छोटे व्यापारी या आम जनता वास्तव में ’’कैशलेस’’ लेनदेन कर रहे हैं ?

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • गांव-गांव से और छोटे और बड़े शहरों से जो समाचार आ रहे है वह हम सब के लिए बहुत उत्साहजनक है। ऐसी अनेक खबरें मिल रही है कि गांव-गांव में सेलून वाला, सब्जी वाला, अण्डे वाला, चाट-गुपचुप वाला, चाय दुकान, पान दुकान, किराना स्टोर्स, पंचर दुकान से लेकर कृषि उपज मंडी तक कैशलेस लेनदेन हो रहा है। अब तो संदेश नीचे से ऊपर की तरफ जा रहा है। समाज का निचला स्तर जिस तेजी और प्रसन्नता के साथ कैशलेस हुआ है, उसे देखकर बड़े लोग प्रेरणा ले रहे हैं।
  • रायपुर रेलवे स्टेशन पर यश खरोले नाम के सज्जन बूट पॉलिश का काम करते हैं, उन्होंने जब से मोबाइल वॉलेट से भुगतान लेना शुरू किया है, तब से उन्हें एक नई गरिमा और सुविधा का अहसास हो रहा है।
  • मुझे लगता है कि नगदी लेनदेन की सदियों पुरानी व्यवस्था में कई सामाजिक विसंगतियां शामिल हो गई थीं, जिसका समाधान भी कैशलेस सोसायटी में है।

महिला उद्घोषक द्वारा

  • माननीय मुख्यमंत्री जी, इक्के-दुक्के उदाहरणों के अलावा पूरा बाजार, पूरा गांव, ग्राम पंचायत, शहर आदि को कैशलेस बनाने की क्या तैयारी है?

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • हर दिन नई उपलब्धि की खबर है। मैंने रायपुर के कुछ बाजारों में खुद जाकर देखा तो मुझे खुशी हुई कि कई बाजार कैशलेस हो गए हैं। मैंने घूम-घूम कर अलग-अलग दुकान से मोबाइल कव्हर, पेन, नमकीन आदि खरीदा था और मोबाइल एप से भुगतान किया था। मैंने देखा बकायदा दुकानों के बाहर पोस्टर चिपके हैं ‘मोर रायपुर, कैशलेस बाजार’, जो पूरे बाजार के कैशलेस होने पर नगर निगम ने लगवाए हैं। रवि भवन, मालवीय रोड, खमतराई बाजार, कपड़ा बाजार आदि स्थानों पर पी.ओ.एस. मशीन या ई-वॉलेट से लेनदेन हो रहा है। रायपुर की ’’डिजिटल आर्मी’’ में 10 हजार लोग जन-जागरण कर रहे हैं।
  • डंगनिया रायपुर में चाय दुकान के संचालक बलदाऊ यादव को जिले का ’’कैशलेस एम्बेसेडर’’ बनाया गया है। कुंदरू और तरपोंगी पंचायतें पूरी तरह कैशलेस बन चुकी है, 250 राशन दुकानें भी कैशलेस बन चुकी हैं।
  • बिलासपुर में नगर निगम को कैशलेस बना दिया गया है, जहां पी.ओ.एस. मशीन से सभी करों के भुगतान लिए जा रहे हैं।
  • रायगढ़ जिले के केवड़ाबाड़ी बस स्टैण्ड में आप बिना नगद दिए लक्ष्मीनारायण साहू की दुकान से पान खरीद सकते हैं और कारगिल चौक में रामसागर मिश्रा की दुकान से चाट खा सकते हैं।
  • मुंगेली में 525 सी.एस.सी. बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं, जहां किसान पंजीयन, मोबाइल रिचार्ज, पेंशन भुगतान, बिजली बिल भुगतान सहित विभिन्न सुविधाएं कैशलेस ट्रांजेक्शन से मिल रही है। अब्दुल शरीफ कादिर जैसे युवाओं को तो सी.एस.सी. से बढ़िया रोजगार भी मिल गया है। नगर पंचायत सरगांव और ग्राम पंचायत घुण्डूकांपा, मुंगेली जिले के कैशलेस भुगतान के उदाहरण बन गए हैं।
  • राजनांदगांव जिले की पहली ग्राम पंचायत भर्रेगांव को कैशलेस होने का गौरव प्राप्त हुआ है। मोबाइल रिपेयरिंग दुकान में दुष्यंत साहू एवं एवन सिन्हा, मेडिकल स्टोर्स में लोकेश हिरवानी, चन्द्राकर होटल तथा पान सेन्टर में, घनश्याम चन्द्राकर किराना दुकान, मोबाइल-एप से भुगतान ले रहे हैं। जिले में 187 दुकानों में पी.ओ.एस. मशीन का उपयोग हो रहा है। जबकि 3 हजार से अधिक दुकानों को इस मशीन का बेसब्री से इंतजार है।
  • दुर्ग जिले के सांसद आदर्श ग्राम मोहलाई में श्रीमती लक्ष्मी बाई देवांगन द्वारा किराना और डेली नीड्स में डिजिटल भुगतान की सुविधा दी गई है।
  • बालोद जिले में करीब 200 पीओएस मशीनें लगाई जा चुकी हैं, जबकि 900 से अधिक दुकानदारों के आवेदन दिए हैं।
  • बेमेतरा जिले के ब्लॉक मुख्यालय नवागढ़ में दिव्यांग बेटी कुमारी चन्द्रावली राजपूत ने दो हजार लोगों को ’’डिजिटल-साक्षर’’ बनाया और अब उसे ग्राम स्तरीय उद्यमी (VLE) बनाया जा रहा है।
  • धमतरी जिले का नगरी विकासखंड एक उदाहरण बन गया है, जहां 30 ग्राम पंचायतों ने कैशलेस लेनदेन को ज्यादा पसंद किया है।
  • कबीरधाम जिले की पंचायत समनापुर कैशलेस की दौड़ में सबसे आगे हैं। ग्राम गुढ़ा, धनौरा, सावंतपुर में सामान्य सेवा केन्द्र के माध्यम से कैशलेस लेनदेन हो रहा है।
  • जांजगीर-चांपा जिले के सक्ति विकासखंड के अग्रसेन चौक पर प्रकाश मनचंदानी के ठेले में ई-वॉलेट से मूंगफल्ली खरीद सकते हैं। अकलतरा में संदीप गुप्ता की दुकान से फल और ग्राम सपोस में टेकराम साहू की चाय का भुगतान ई-वॉलेट से कर सकते हैं।
  • जांजगीर में महेश पालीवाल की मेडिकल दुकान से दवा का भुगतान हो या मालखरौदा में रेशम श्रीवास की सेलून दुकान यहां ई-वॉलेट से भुगतान की सुविधा है, जिससे उनका कारोबार भी बढ़ गया है।
  • गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत कोकड़ी को जिले का पहला कैशलेस ग्राम पंचायत बनने का मौका मिला है। जिले की 23 दुकानों में पीओएस मशीन लग चुकी है, जबकि 1400 दुकानदारों ने आवेदन दिया है।

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • डॉ. साहब, क्या आदिवासी अंचलों में भी कैशलेस लेनदेन की संभावनाएं हैं। आदिवासी अंचलों में भी कैशलेस ट्रांजेक्शन के प्रति कोई रूझान देखने को मिल रहा है?

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • प्रदेश के सघन वन अंचल, आदिवासी बहुल अंचल तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा जिले के पालनार गांव में किराना दुकान से लेकर पंचर दुकान तक में डिजिटल लेनदेन हो रहा है।
  • सुकमा जिले का पहला कैशलेस ग्राम बन गया है रोकेल। खत्री किराना स्टोर्स, हामिद किराना स्टोर्स, पीयूष किराना स्टोर्स, करिश्मा किराना स्टोर्स, भूपेन्द्र कम्प्यूटर, गणपति ढाबा आदि में मोबाइल-एप से लेन-देन हो रहा है।
  • कोण्डागांव जिले में जोबा को पहली कैशलेस पंचायत का सम्मान मिला है, जहां औसतन 100 लोग प्रतिदिन अपनी जरूरत के समान मोबाइल एप से भुगतान कर खरीद रहे हैं।
  •  जिले में 254 सी.एस.सी. संचालित हैं, जो कैशलेस लेनदेन की सुविधा दे रही हैं।
  • कांकेर जिले के कोमलदेव अस्पताल, प्रसिद्ध माकड़ी ढाबा, ख्वाजा मोबाइल सेन्टर में तो पी.ओ.एस. मशीन लग गई है। घोर नक्सली क्षेत्र बांदे सहित कई गांवों में ई-वॉलेट का उपयोग होने लगा है, जिसमें तेलावट गांव का जागेश्वर किराना स्टोर्स भी एक है।
  •  बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड के उसरीबेड़ा ग्राम पंचायत में कैशलेस ट्रांजेक्शन की सुविधा पान और मेडिकल स्टोर तक पहुंच गई है।
  • अम्बिकापुर में मठपारा निवासी राजा गुप्ता ने किंग टी-स्टॉल को, ग्राम कंठी में पान दुकान चलाने वाले संतन राम ने एसबीआई बडी तथा मोबाइल एप डाउनलोड करके अपनी दुकान को कैशलेस कर दिया है।
  • सूरजपुर जिले में राज्यस्तरीय स्काउट एण्ड गाइड जम्बूरी में महिला स्व-सहायता समूहों ने 44 कैशलेस स्टॉल लगाकर नगदी से आजादी का बिगुल फूंक दिया था। इससे आसपास के गांवों में काफी चेतना आई है।
  •  बलरामपुर-रामानुज जिले की दो नगर पंचायतें वाड्रफनगर तथा राजपुर कैशलेस हो गई है। मैंने अपने प्रवास के दौरान करंजी ग्राम के एक दुकान से पेन खरीदा और पी.ओ.एस. से भुगतान किया।
  • जशपुर जिले में जरिया तथा मनोरा कैशलेस ग्राम पंचायत बन चुके हैं तथा अन्य कतार में हैं।
  •  खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष के.के. राय ने एक विवाह में ई-वॉलेट से शगुन देकर लोगों को प्रेरित किया है।
  • प्रकाश बीज भंडार के संचालक डिजिटल भुगतान ले रहे हैं और अन्य व्यापारियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। ‘हरित क्रांति आदिवासी सहकारी समिति’ के 618 किसान पी.ओ.एस. मशीन से लेनदेन करेंगे। शासकीय विजय भूषण सिंह कन्या महाविद्यालय के केंटीन ई-वॉलेट में चल रहा है। जशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के युवा विक्रम पहाड़िया, जगमोहन सिंह, शांति पहाड़िया, राखी सिंह आदि मास्टर ट्रेनर्स बने हैं और प्रशिक्षण में योगदान दे रहे हैं।
  • कोरिया जिले में सांसद आदर्श ग्राम खड़गवां-कैशलेस घोषित हो गया है। ग्राम पंचायतों, पटना, नागपुर, सोनहत में 271 दुकानों में कैशलेस भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
  • इस तरह हर जिले में कैशलेस ट्रांजेक्शन की जोरदार शुरूआत हो चुकी है। और कारवां आगे बढ़ रहा है।

महिला उद्घोषक द्वारा

  • डॉक्टर साहब, नए साल में ’’डिजि धन मेला’’ आकर्षण का केन्द्र बना, क्या यह आयोजन हर जिले में होगा और भी नए-नए उपाय सुनने को मिल रहे हैं।

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • माननीय प्रधानमंत्री जी की पहल पर कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार योजना शुरू की गई है, जिसके तहत क्रमशः अलग-अलग जिलों में ’’डिजि धन मेला’’ लगेगा। रायपुर में शुरूआत हो गई है। इस मेले में एक माह में डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वाले लोगों के नाम लॉटरी निकाल कर नगद पुरस्कार दिया जाता है। इसके साथ ही साथ बैंक, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा शासन के विभिन्न विभागों द्वारा प्रशिक्षण का आयोजन भी किया जाता है।
  • राज्य में 11 लाख किसानों को ’’रूपे कार्ड’’ बांटे जा रहे हैं, जो किसानों को कैशलेस बनाने में मदद करेंगे।
  • हमने राज्य स्तर पर 9 हजार सी.एस.सी. और 12 हजार राशन दुकानों को जल्दी ही कैशलेस करने का लक्ष्य रखा है।
  • हम जिस स्तर पर प्रशिक्षण और सुविधाओं पर ध्यान दे रहे हैं, उसके चलते मुझे विश्वास है, कि कैशलेस भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा। माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा शुरू की गई आर्थिक क्रांति को अपने मुकाम पर पहुंचाने के लिए प्रदेशवासियों का भरपूर सहयोग मिलना सुखद अनुभव है।

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • श्रोताओं! आपकी प्रतिक्रियाएं हमें आपके पत्र, सोशल मीडिया-फेसबुक, ट्विटर के साथ SMS से भी बड़ी संख्या में मिल रही हैं। इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।
  • आगे भी आप अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में RKG के बाद स्पेस लेकर अपने विचार लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेजते रहिए और संदेश के अंत में अपना नाम और पता लिखना ना भूलें।

महिला उद्घोषक द्वारा
-    श्रोताओं, अब बारी है ‘क्विज’ की।
आठवें क्विज’ का प्रश्न था-
-        छत्तीसगढ़ में पंचायत स्तर पर ‘सी.एस.सी.’ किस संस्था के समान सेवा कर सकेंगे?
-    इसका सही जवाब  ; B . बैंक
-    सबसे जल्दी जिन पांच श्रोताओं ने सही जवाब भेजे हैं, उनके नाम हैं-
1.    श्री रमेश कुमार मंडावी, भानपुरी, जिला कोण्डागांव
2.    श्री रामकृष्ण नायक, ग्राम कुशभाठा, जिला बलौदाबाजार
3.    श्री अभिषेक पुरी, ग्राम कोहड़िया, जिला मुंगेली
4.    धनेश निषाद, ग्राम कारा, जिला रायपुर और
5.    शुभम बघेल, जी जामगांव, जिला धमतरी

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • मित्रों इजाजत के पहले एक बात मेरे मन में आई उसको मैं कहना चाहूंगा कि ग्यारहवें क्विज होने के बाद ये ग्यारह क्विज के जितने भी विजेता है, जिन्होंने सबसे तेजी के साथ जवाब दिया, आप सभी को मैं चाय पर मुख्यमंत्री निवास पर आमंत्रित करूंगा। आप तैयारी करें कि ग्यारहवें क्विज तक जितने लोग भी इसमें विजेता बने है, उन सबको आमंत्रित करता हूॅं, मुख्यमंत्री निवास में चाय के लिए। समय आपको बताया जायेगा। आपने भाग लिया, आपने इस पूरे आयोजन को सफल बनाया, आपसे मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई धन्यवाद।

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • और श्रोताओं अब समय है नवमें क्विज़ का, जिसका सवाल है-
  • छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कैशलेस ट्रांजेक्शन के लिए जारी किए मोबाइल एप का क्या नाम है ?
  •  इसका सही जवाब ; A मोर खीसा , B  मोर बैंक  इनमें से कोई एक है।
  • अपना जवाब देने के लिए, अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में फ। लिखें और स्पेस देकर । या ठ जो भी आपको सही लगे, वह एक अक्षर लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेज दें। साथ में अपना नाम और पता अवश्य लिखें।
  •  आप सब ‘रमन के गोठ’ सुनते रहिए और अपनी प्रतिक्रियाओं से हमें अवगत कराते रहिए। इसी के साथ आज का अंक हम यहीं समाप्त करते हैं। अगले अंक में 12 फरवरी को होगी आपसे फिर मुलाकात। तब-तक के लिए हमें  दीजिए इजाजत। नमस्कार।
     
Date: 
8 January 2017 - 6pm