Home‘रमन के गोठ’ आकाशवाणी से प्रसारित विशेष कार्यक्रम (दिनांक 12 मार्च, 2017, समय प्रातः 10.45 से 11.05 बजे)

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‘रमन के गोठ’ आकाशवाणी से प्रसारित विशेष कार्यक्रम (दिनांक 12 मार्च, 2017, समय प्रातः 10.45 से 11.05 बजे)

श्रोताओं नमस्कार!
(पुरूष उद्घोषक की ओर से)

  • आकाशवाणी के विशेष प्रसारण ‘रमन के गोठ’ में हम, सभी श्रोताओं का हार्दिक स्वागत करते हैं, अभिनंदन करते हैं। कार्यक्रम की उन्नीसवीं कड़़ी के लिए आकाशवाणी के स्टुडियो में माननीय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी पधार चुके हैं।
  • डॉक्टर साहब नमस्कार, बहुत-बहुत स्वागत है आपका इस कार्यक्रम में।

मुख्यमंत्री जी

  • धन्यवाद। आपका भी और अपने रेडियो व टीवी सेट्स के सामने बैठकर मुझे सुन रहे श्रोताओं का भी।
  • जम्मो संगी-जहुंरिया, सियान-जवान, महतारी-बहिनी मन ला जय जोहार।

पुरूष उद्घोषक

  • माननीय मुख्यमंत्री जी, आपको हम सबकी और हमारे श्रोताओं की तरफ से होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। वास्तव में आप जिस तरह से प्रदेश को विकास के रंगों से सराबोर कर रहे हैं और खुशहाली की रंग-बिरंगी छटा बिखेर रहे हैं, उसके लिए हम सब कृतज्ञ हैं। हमारी कामना है कि आप इसी तरह प्रदेश का नेतृत्व करें और ‘सबका साथ-सबका विकास’ का ध्येय पूरा करें।

मुख्यमंत्री जी

  • मुझे बिलासपुर जिले के नेवसा गांव के मुकेश वैसवाड़े, गरियाबंद जिले के ग्राम फुलझर से योगेश्वर साहू, बेमेतरा जिले के सिरवाबांधा गांव के भुवन दास जांगड़े सहित अनेक लोगों ने पत्र भेजकर होली की बधाई दी है।
  • मैं आप सबको होली की गाड़ा-गाड़ा बधाई देता हूॅ और शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं। यह त्यौहार आप सबके जीवन में खुशी के नए रंग बिखेरे।
  • आज आप सब लोग होलिका दहन करेंगे और कल रंग खेलकर होली का त्यौहार मनाएंगे।
  • होली हमारा बहुत बड़ा त्यौहार है, जो एक ओर बुराई का प्रतीक होलिका के दहन और अच्छाइयों के प्रतीक भक्त प्रहलाद के आग में जलने से बच जाने की घटना के माध्यम से, अच्छाइयों की जीत का संदेश देता है।
  • नई परिस्थितियों में लकड़ी और पानी का अपव्यय भी एक कुरीति है अतः होलिका दहन के लिए पेड़ों को नहीं काटना चाहिए। होली के लिए लकड़ी नहीं जलाना चाहिए। बल्कि कंडा, कचरा या ऐसी चीजों का दहन करें जो खराब हैं। इस तरह हरियाली, प्राकृतिक संसाधनों व पर्यावरण को बचाने का संदेश भी, इस पर्व के माध्यम से दिया जाना चाहिए।
  • इस त्यौहार का दूसरा महत्व फाल्गुन की मस्ती और इस मस्ती में अमीर-गरीब, जाति-वर्ग आदि के बंधन तोड़कर एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर गले मिलने का है।
  • यह त्यौहार प्रकृति के खूबसूरत रंगों का आनंद लेने का है। फाग और हास्य-विनोद के सांस्कृतिक आयोजनों का है। ढोल-नगाड़े और मांदर की थाप में थिरकने का है। छत्तीसगढ़ में फाल्गुन मड़ई भी इसी परम्परा से जुड़ जाती है।
  • इसलिए होली का त्यौहार मनाते समय इस बातों का ख्याल रखना चाहिए कि त्यौहार के चटख रंग किसी विवाद या दुर्घटना से बदरंग न हो जाएं, इसके लिए बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। यह गलत  धारणा है कि होली हुड़दंग का त्यौहार है, बल्कि यह तो आत्मीयता का, प्रेम का, मिलन का और हास्य-व्यंग्य की फुहारों में भीगने का त्यौहार है।
  •  नशा तथा ऐसी अन्य चीजों से बचना चाहिए, जो शारीरिक व मानसिक रूप से किसी को भी चोट पहुंचा सकते हैं, तभी इस त्यौहार का असली मकसद पूरा होता है।

महिला उद्घोषक

  • माननीय मुख्यमंत्री जी, 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस अवसर पर क्या संकल्प लिया है, जिसका लाभ महिला हमें सशक्तीकरण में मिलेगा।

मुख्यमंत्री जी

  • मैं नारी स्वरूप में विराजमान जननी, शक्ति, करूणा, दया, साहस को नमन करता हूं।
  • छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम की माता कौशल्या का मायका है, जिसका प्रताप राज्य की माटी में है और मैं कहना चाहता हूं कि ऐसी ही कोख में संस्कारों का जन्म और पालन-पोषण होता है। इसलिए छत्तीसगढ़ की हर बेटी के भीतर माता कौशल्या जैसा जस है, प्रताप है।
  • छत्तीसगढ़ में चारों दिशाओं में देवियों का वास है। मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां चन्द्रहासिनी, मां महामाया और हर स्वरूप में आदि शक्ति देवियों के शक्तिपीठ और आस्था केन्द्रों की वजह से हमारे प्रदेश में नारी को सम्मान देने की एक अटूट परम्परा है।
  • धमतरी की हमारी शतायु माता कुंवर बाई इसी परम्परा का प्रमाण है, जिनकी चेतना और त्याग ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को प्रेरित किया और मंच पर माननीय प्रधानमंत्री जी ने उनका चरण स्पर्श किया था। इसके बाद माता कुंवर बाई ‘स्वच्छता मिशन’ की मिसाल बन गईं, जिसका उल्लेख राष्ट्रीय स्तर पर अनेक स्थानों पर माननीय मोदी जी ने स्वयं किया।
  • माता कौशल्या से मिनी माता तक और आज के युग में फूलबासन, तीजनबाई, शमशाद बेगम से लेकर रेणुका यादव तक हमारी शक्ति और श्रद्धा के प्रतीक हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की दो महिलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिले हैं।
  • छत्तीसगढ़ पुलिस में कार्यरत आरक्षक स्मिता तांडी को ‘राष्ट्रीय नारी शक्ति’ पुरस्कार, माननीय राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के करकमलों से मिला है।
  • दुर्ग जिले की एक ग्राम पंचायत चीचा (पाटन) सरपंच उत्तरा ठाकुर को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से ‘स्वच्छ शक्ति’ पुरस्कार मिला है।
  • उत्तरा दिव्यांग होने के बावजूद काफी सक्रिय है और उन्होंने अपनी पंचायत को ओडीएफ बनाने में बड़ा योगदान दिया है। ये नए प्रतीक भी हमारी नारी शक्ति गढ़ रही है, जो सबके लिए प्रेरणादायी है।
  • मुझे खुशी है कि हमने अपने संस्कारों को संजोए रखते हुए मातृ शक्ति का मान बढ़ाने के प्रयास हर स्तर पर किए हैं। हर साल किए हैं। हर दिन किए हैं। और इस साल के बजट में भी हमनें ये  किए हैं।
  • इसलिए महिला सशक्तीकरण को हमने कर्त्तव्य माना है, धर्म माना है।
  • मुझे यह कहते हुए खुशी होती है कि विगत 13 वर्षों में हमने महिलाओं को अधिकारों, सुविधाओं, योजनाओं के माध्यम से जो संसाधन दिए हैं, उसका उपयोग करते हुए छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति, अब ‘महाशक्ति’ का रूप ले चुकी है।
  • सरस्वती सायकल योजना, कन्या छात्रावास, पोर्टाकेबिन, कस्तूरबा विद्यालय, शालाओं का उन्नयन आदि सुविधाओं के कारण 15 से 17 आयु वर्ग की बेटियों का प्रतिशत 65 प्रतिशत से 90 प्रतिशत होे गया है। स्कूलों में बेटियों की दर्ज संख्या में हम राष्ट्रीय औसत 84 प्रतिशत से काफी ऊपर और देश में नवमें स्थान पर हैं।
  • इतना ही नहीं अब छत्तीसगढ़ की बेटियां स्कूल से लेकर कॉलेज तक निःशुल्क पढ़ाई कर रही हैं। और ऐसी व्यवस्था करने वाले हम देश में पहले राज्य हैं।
  • चाहे स्वच्छता की बात हो, चाहे कुरीतियों को मिटाने की, हर जगह महिलाएं एक सिपाही की तरह तैनात हैं।
  • ऐसी अनेक योजनाओं में महिला समूह सीधी भागीदारी निभा रही है, जो बताता है कि महिलाएं जब जागती हैं तो सिर्फ आर्थिक स्वावलंबन के लिए नहीं, बल्कि समग्र रूप से समाज को आगे बढ़ाने के लिए खड़ी हो जाती हैं।
  • मैं आज बताना चाहता हंू कि आगामी बजट में महिलाओं के लिए क्या बजटी प्रावधान हैं।
  • रायपुर में ‘सखी वन स्टाप सेन्टर’ की स्थापना की गई, जो देश में अव्वल है। अब हम प्रदेश के अन्य सभी 26 जिलों में ‘सखी वन स्टाप सेन्टर’ की स्थापना कर रहे हैं।
  • प्रदेश में अनेक आदर्श आंगनवाड़ी केन्द्र, बालोद, कोंडागांव में 100 बिस्तरीय मातृ शिशु क्लिनिक, कटघोरा, गौरेला, नगरी और पण्डरिया में 50 बिस्तरीय मातृ शिशु क्लिनिक की स्थापना की जा रही है।
  • पूरक पोषण आहार के लिए 514 करोड़ रूपए तथा एकीकृत बाल विकास सेवा के लिए 582 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।
  • सबला योजना, एकीकृत बाल संरक्षण, मुख्यमंत्री अमृत योजना, महतारी जतन योजना, नोनी सुरक्षा योजना आदि के लिए किए गए बजट प्रावधानों का भरपूर लाभ महिलाओं को मिलेगा।
  • मैं बताना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 9 लाख महिलाओं को रसोई गैस देकर हमने धंुए और कालिख से आजादी दिला दी है।
  • हाल ही में मैं गरियाबंद जिले के छुरा विकासखण्ड के गांव केड़ीआमा गया था, जहां नंदिनी नामक गृहिणी को रसोई गैस कनेक्शन मिला है। उसने मुझे 5 मिनट में चाय बनाकर पिला दी। उसकी चाय पीकर मुझे जो स्वाद और आनन्द आया, उसकी तुलना मैं किसी फाइव स्टार होटल की चाय से भी नहीं कर सकता। इतना ही नहीं, नंदिनी ने जिस अंदाज से रसोई गैस से चाय बनाने की तारीफ की, छत्तीसगढ़ी भाषा में उन्होंने बहुत अच्छे तरीके से कहा-‘‘भक ले जलथे अउ झट ले बनथे।’’ ये उनके लिए एक बहुत खुशी का अवसर था।
  • जांजगीर-चाम्पा जिले के ग्राम घुरकोट में रहने वाली सुखमनी और उसकी बहू मंजू देवी गढ़ेवाल जैसी लाखों महिलाओं के जीवन में परिर्वतन आ गया। उनकी आंखों को चूल्हे के धुएं से निजात मिल गई है। इतना ही नहीं उन्हें इस बात का गर्व है कि हरियाली बचाने में उनकी भागीदारी दर्ज होगी और इस बात की भी खुशी है कि धुएं से काले हुए बर्तन मांजने से भी निजात मिलेगी।
  • यह कहानी अब छत्तीसगढ़ के 35 लाख घरों से निकलेगी। क्योंकि हमने ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ का लक्ष्य 25 लाख से बढ़ाकर 35 लाख कर दिया है।

पुरूष उद्घोषक

  • डॉक्टर साहब, आपने बजट का जिक्र किया। इस बजट में ‘स्काई’-संचार क्रांति योजना का उल्लेख आया है, क्या हमारे श्रोताओं को विस्तार से आप इस योजना के बारे में बताना चाहेंगे ?

मुख्यमंत्री जी

  • मैं बताना चाहता हूं कि संचार क्रांति योजना, जिसे संक्षिप्त में ‘स्काई’ कहा है, इसका क्या औचित्य है।

जब जिसने किया अपने पंखों पर विश्वास
दूर-दूर तक हो गया उसका ही आकाश

  • प्रदेश में ग्रामीण अंचलों में मात्र 29 प्रतिशत लोगों के पास मोबाइल है और आज भी प्रदेश का 36 प्रतिशत भू-भाग मोबाइल/इंटरनेट या किसी प्रकार की कनेक्टिविटी से दूर है।
  • रायपुर, बिलासपुर, भिलाई-दुर्ग या बड़े शहर में रहने वाले सक्षम व्यक्ति  अपने डॉक्टर से फोन पर बात कर सकते हैं, तरह-तरह के एप का इस्तेमाल करके सहूलियत पाते हैं। टिकट का आरक्षण करा सकते हैं, बैंक के काम कर सकते हैं, नगद राशि के लेन-देन की जगह मोबाइल-एप का उपयोग कर सकते हैं। राशन खरीद सकते हैं। सारे काम निपटा सकते हैं। ऐसा साधन प्रदेश की दो-तिहाई आबादी को  क्यों नहीं मिलना चाहिए।
  • यह डिजिटल डिवाइड है। जो अमीरों या गरीबों के बीच के खाई से भी बड़ी गहरी खाई है। यह अंतर को समाप्त करना बहुत बड़ी चुनौती है। यह वर्तमान और नई पीढ़ी के सशक्तीकरण और उत्थान का सवाल है।
  • मैं पिछले साल ‘लोक सुराज अभियान’ के दौरान बस्तर के एक छोटी-सी बस्ती, छोटे डोंगर/बासिन आदि में लोगों से बात कर रहा था। मैंने पूछा कि आपको क्या चाहिए? तो उन लोगों ने कहा कि मोबाइल टॉवर लगवा देते तो हम भी मोबाइल का उपयोग कर सकते।
  • मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी। मैं सोचता था वे स्कूल, कॉलेज, सड़क, अस्पताल, बिजली के बारे में बोलेंगे। लेकिन उन्होंने मांगी मोबाइल में बात करने की सुविधा। ये विकास के साथ बदलती प्राथमिकता का प्रतीक है और तभी से इस दिशा में सोचने लगा था।
  • ‘स्काई’ के अंतर्गत हमने यह निर्णय लिया है कि 39 लाख ग्रामीणों, शहरी क्षेत्रों के 3 लाख परिवारों और महाविद्यालय के 3 लाख विद्यार्थियों को ‘स्मार्ट फोन’ और ‘सिम’ दिए जाएंगे।
  • योजना की लागत 800 करोड़ रूपए है, जिसमें से इस साल के लिए 2 सौ करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
  • इसका लाभ उन गरीब परिवारों को मिलेगा, जिनके लिए ‘जैम’ जीवन का नया आधार बनने वाला है। जनधन खाते, आधार और मोबाइल फोन को मिलाकर ‘जैम’ बनता है।
  • इससे डीबीटी का क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा, जिसकी तैयारी के रूप में 100 प्रतिशत जन-धन खाते खोले गए हैं। 97 प्रतिशत आधार कार्ड बनाए गए हैं। 40 प्रतिशत मोबाइल उपलब्ध हैं, जिसे बढ़ाया जाना है।
  • आप जानते हैं कि ग्रामीण अंचल में जहां विरल आबादी हो या मोबाइल की संख्या कम हो। वहां कोई कंपनी टॉवर नहीं लगाती।
  • पहले टॉवर लगेंगे कि पहले मोबाइल यूजर बढ़ेंगे? यह बात उसी तरह से हो गई थी, जैसे पहले मुर्गी आएगी या पहले अण्डा आएगा।
  • मैं चाहता हूॅ कि अगर कही अगर विकास का चक्का फंस गया है तो उसे धक्का देकर आगे बढ़ाया जाए।
  • ‘स्काई’ योजना के तीन मुख्य काम होंगे-पहला स्मार्ट फोन वितरण, दूसरा टॉवर की स्थापना और तीसरा मोबाइल फोन के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान तथा इसका उपयोग। इस योजना का सबसे बड़ा लाभ टॉवरों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के रूप में होगा।
  • इस तरह एक पहल हमने की है, जिससे विधिवत सारी नियम प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ऑपरेटरों को प्रेरित किया जाएगा और 1500 टॉवर चुने हुए ऑपरेटरों द्वारा लगाए जाएंगे।
  • इससे प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि होगी।
  • इसके माध्यम से ‘ई-सेवाओं’ की प्रदायगी बढ़ेगी।
  • 108 और 102 जैसी सेवाओं को प्रभावशाली बनाएंगे।
  • स्कूल और अस्पतालों में उपस्थिति भी बढ़ेगी।
  • इस तरह यह योजना ‘एक पंथ कई काज’ करेगी।

महिला उद्घोषक

  • माननीय मुख्यमंत्री जी, आपके बजट में ‘डायल-112‘ योजना का उल्लेख किया गया है। यह किस तरह की योजना है और इसका क्या लाभ प्रदेशवासियों को मिलेगा ?

मुख्यमंत्री जी

  • मेरा मानना है कि ‘डायल-112’ सेवा एक क्रांतिकारी कदम हैं, जो पुलिस व्यवस्था का कायाकल्प कर देगी। इसमें रिस्पांस टाइम के साथ पारदर्शिता, जिम्मेदारी, जवाबदेही, मदद, राहत सब कुछ मिलेगा, जो पुलिसिंग को आधुनिक दिशा देगा।
  • दुर्घटनाएं बता कर नहीं होती। ऐसे संकट के समय जल्द से जल्द घायल या संकटग्रस्त व्यक्ति तक पहुंचना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इस दिशा में नई प्रौद्योगिकी, नेटवर्किंग और प्रबंधन का उपयोग करते हुए हमनें ‘डायल-112’ योजना शुरू कर रहे हैं। ताकि शहरी इलाकों में 10 मिनट के भीतर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर मदद पहुंचाई जा सके।
  • यह नम्बर डायल करते ही राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम में तुरंत एक्शन चालू हो जाएगा, जिसके लिए जीपीएस युक्त 240 वाहनों एवं 50 मोटर साइकिलों का नेटवर्क काम शुरू कर देगा।
  • योजना के प्रथम चरण में 11 जिलों जिसमें रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, महासमुन्द, बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा, सरगुजा और जगदलपुर शहर को लिया जा रहा है, जिसके लिए इस वर्ष 50 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।
  • रायपुर में एक राज्यस्तरीय आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त केन्द्रीयकृत कमाण्ड और कंट्रोल सेन्टर स्थापित किया जा रहा है।
  • इस केन्द्र से प्रदेश भर से आने वाली कॉल को रिसिव किया जाएगा और रिस्पांस दिया जाएगा। इस काम प्रशिक्षित कॉल रिसिवर करेंगे ताकि आपात सेवा तत्काल उपलब्ध कराई जा सकें।
  • समस्त आपात सेवाओं, पुलिस, फायर ब्रिगेड एवं एम्बुलंेस आदि जैसी तत्काल मदद की जरूरत पड़ने पर आप एक ही नंबर डायल कीजिए 112.

पुरूष उद्घोषक

  • माननीय मुख्यमंत्री जी, इस वर्ष फिर ‘लोक सुराज अभियान’ शुरू हो गया है। इस अभियान को लेकर आपके क्या विचार हैं और इससे जनता को क्या लाभ मिलेगा ?

मुख्यमंत्री जी

  • सबसे सरल शब्दों में कहंू तो ‘लोक सुराज अभियान’, मेरी और हमारी सरकार की पाठशाला है।
  • पहले हमने ‘ग्राम सुराज अभियान’ चलाया था फिर ‘नगर सुराज अभियान’ चलाया अब दोनों को मिलाकर ‘लोक सुराज अभियान’ चला रहे हैं।
  •  मेरा विश्वास है कि जनता से सीधे जुड़ना, सीधे बात करना सुशासन का सबसे पहला कदम है और इसी से हमें सही दिशा मिलती है।
  •  मुझे यह कहते हुए खुशी होती है कि हमने गांवों के विकास के लिए जितनी भी योजनाएं बनाई हैं, हर योजना की प्रेरणा हमने ग्राम सुराज और लोक सुराज से ली है।
  •  हम जिस साल यह अभियान चलाते हैं, उसके अगले साल का बजट क्या होगा, इसकी तस्वीर हमारे दिमाग में बनना शुरू हो जाती है और इसी से बजट की प्राथमिकताएं तय होती हैं, योजनाएं बनती हैं, बजट आवंटन होता है, क्रियान्वयन होता है और लोगों को लाभ मिलता है।
  • तभी मैं कहता हूं कि मैं बजट मंत्रालय में बैठकर नहीं खेत- खलिहान, पंचायत, चौपाल में बैठकर बनाता हूं। तभी गांव-गली व किसान लोग मेरे बजट के केन्द्र में होते हैं
  • ‘लोक सुराज अभियान’ में हम लोगों की शिकायतें, मांगें, आवश्यकताएं लिखित में लेते हैं। बकायदा साफ्टवेयर में दर्ज करते हैं, उसकी पूरी मॉनीटरिंग करते हैं। इस साल यह काम और भी बेहतर ढंग से किया जा रहा है।
  • इस साल लोक सुराज अभियान तीन चरणों में हो रहा है।
  •  पहले चरण में 26 से 28 फरवरी तक आवेदन लिए गए।
  • दूसरे चरण में पूरे मार्च भर इन आवेदनों का निराकरण किया जाएगा।
  • और तीसरे चरण में 3 अप्रैल से लेकर 20 मई तक पूरा राज्य में ‘समाधान शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। जहां अभी लिए गए आवेदनों पर की गई कार्यवाही को बताया भी जाएगा और नए आवेदन भी शिविर स्थल पर लिए जाएंगे।
  •  इस तरह हमने इस बार लोक सुराज अभियान को ‘समाधान पर्व’ बना दिया है, ताकि समाधान की मानसिकता सरकार के हर स्तर पर बने, जनप्रतिनिधि और जनता भी समाधान की प्रक्रिया में शामिल हों और एक सकारात्मक वातावरण बने।
  • हमने स्पष्ट किया है कि जहां आवंटन उपलब्ध हो, वहां तत्काल समाधान किया जाए।
  • इसके साथ ही जो समस्याएं निचले स्तर पर नहीं सुलझती, उन्हें वरिष्ठ कार्यालयों तक भेजने की भी व्यवस्था है, ताकि समाधान का अंतिम लक्ष्य पूरा हो।
  • हमने इन आवेदनों, मांगों और आदि के लिए जो साफ्टवेयर विकसित किया है, उससे क्षेत्रवार, आवश्यकतावार सूची भी बन जाएगी और कहां, किस तरह की जरूरत है भविष्य में क्या कदम उठाए जाने हैं, यह भी पता चल जाएगा।

महिला उद्घोषक

  • माननीय मुख्यमंत्री जी, ‘लोक सुराज अभियान’ के दौरान पहले तो आप अलग-अलग जिलों में औचक निरीक्षण व समीक्षा भी करते थे, तो क्या इस बार भी यह सब कार्य होंगे?

मुख्यमंत्री जी

  • जरूर होंगे। मैं पहले की तरह किसी भी दिन, किसी भी गांव, किसी भी जिले में अचानक पहुंचुगां और जनता से सीधे भेंट करूंगा। समाधान शिविर में भी जाऊंगा। रात को जिलों की समीक्षा भी करूंगा। प्रेस से भी मिलूंगा।
  • यह अभियान सबसे कठिन गर्मी के मौसम में इसीलिए करते हैं ताकि जनहित से जुड़ी सुविधाओं का, विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा, सबसे खराब मौसम में लें, साथ ही बारिश का इंतजाम भी हो जाए और आगे की योजना भी बन जाए।
  • विकास कार्यों का अवलोकन व निरीक्षण भी हो जाए और जहां कमी है, उसकी सुधार भी सही समय पर हो जाए।
  • मेरे अलावा सारे मंत्री, मुख्य सचिव से लेकर सारे वरिष्ठ अधिकारी, विधायक, सांसद आदि सभी और सभी जनप्रतिनिधि प्रदेश का दौरा करते रहेंगे।
  • मैं चाहता हूं कि आप इस अभियान को अपना सहयोग प्रदान करें और समाधान शिविरों में पहुंच कर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करें।

पुरूष उद्घोषक
 

  • श्रोताओं! आपकी प्रतिक्रियाएं हमें आपके पत्र, सोशल मीडिया- फेसबुक, ट्विटर के साथ SMS से भी बड़ी संख्या में मिल रही हैं। इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।
  • आगे भी आप अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में RKG के बाद स्पेस लेकर अपने विचार लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेजते रहिए और संदेश के अंत में अपना नाम और पता लिखना ना भूलें।

मुख्यमंत्री जी

  • धमतरी जिले के ग्राम रूद्री के चन्द्रकांत साहू ने तालाबों की संस्कृति और जल संरक्षण के संदेश को बहुत पसंद किया। राजनांदगांव जिले के मोहारा के रामूलाल प्रजापति ने परीक्षा के समय तनाव दूर करने के उपाय और तेन्दूपत्ता संग्राहकों की बढ़ी हुई मजदूरी को अच्छा कदम बताया। ऐसे अनेक संदेश मिले हैं, जिसमें अच्छे-अच्छे सुझाव हैं। मैं आप सबका आभारी हूं, जो इतना ध्यान से यह प्रसारण सुनते हैं।



पुरूष उद्घोषक

  • और श्रोताओं, अब बारी है ‘क्विज’ की।
  • दसवंे ‘क्विज’ का प्रश्न था-
  • ‘मुख्यमंत्री मेडिकल फैलोशिप योजना’ से दूरस्थ अंचलों में क्या नई सुविधा मिलेगी?
  • जिसका सही जवाब है - A.   डॉक्टर
  • सबसे जल्दी जिन पांच श्रोताओं ने सही जवाब भेजे हैं, उनके नाम हैं-

    1.    किशोर डहरिया, लंजोरा, जिला कोण्डागांव
    2.    कुमारी गार्गी, मंदिर हसौद, जिला रायपुर
    3.      श्रीमती रेखा साहू, ग्राम ससहा जिला बलौदाबजार
    4.     कोमल साहू, ग्राम भोथली, जिला दुर्ग
    5.    यशवंत पटेल, ग्राम बिजली, जिला गरियाबंद
महिला उद्घोषक
-    और श्रोताओं अब समय है ग्यारहवें क्विज़ का।
    जिसका सवाल है-

  •  ‘‘स्काई योजना’’ का संबंध किस उपकरण से हैं?
  • इसका सही जवाब    ; A.  हार्वेस्टर  ; B .स्मार्ट फोन

    इनमें से कोई एक है।

  • अपना जवाब देने के लिए, अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में QA लिखें और स्पेस देकर A या B जो भी आपको सही लगे, वह एक अक्षर लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेज दें। साथ में अपना नाम और पता अवश्य लिखें।
  • आप सब ‘रमन के गोठ’ सुनते रहिए और अपनी प्रतिक्रियाआंे से हमें अवगत कराते रहिए। इसी के साथ आज के अंक का हम यहीं समापन करते हैं। अगले अंक में 9 अप्रैल को होगी आपसे फिर मुलाकात। तब-तक के लिए दीजिए हमें इजाजत। नमस्कार।

 


 

Date: 
12 March 2017 - 8pm