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‘रमन के गोठ’ आकाशवाणी से प्रसारित विशेष कार्यक्रम (दिनांक-13 नवम्बर 2016, समय-प्रातः 10.45 से 11.05 बजे)

पुरूष उद्घोषक
श्रोताओं नमस्कार !

  • आकाशवाणी के विशेष प्रसारण ‘रमन के गोठ‘ में हम, सभी श्रोताओं का हार्दिक स्वागत करते हैं, अभिनंदन करते है। कार्यक्रम की पन्द्रहवीं कड़ी के लिए आकाशवाणी के स्टुडियो में माननीय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी पधार चुके हैं।
  • डॉक्टर साहब नमस्कार, बहुत-बहुत स्वागत है आपका इस कार्यक्रम में।

मुख्यमंत्री जी द्वारा: छत्तीसगढ़ी में

  • धन्यवाद। जम्मो संगी-जहुंरिया, सियान-जवान, महतारी-बहिनी मन ला जय जोहार।
  • छत्तीसगढ़ राज्य बने सोलह बछर हो गे हे। ह मन राज्य निर्माता अटल जी के सपना ला पूरा करत हन। ये दारी राज्योत्सव म हमर प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी अऊ हमर देस के गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह जी आए रिहिन। राज्य मं रहवईया जम्मो झन ला बधाई अऊ आर्शीवाद देके गे हे।
  • एखर ले हमर उत्साह ह बाड़ गे हे, हमर संकल्प मजबूत हो गे हे। नवा ताकत आगे हे, अब छत्तीसगढ़ ल अऊ आघू बढ़ाना हे। नवा जोष के साथ, हमर छत्तीसगढ़ ल देस के अव्वल राज बनाए बर जी-प्राण से जुट गे हन।

निरंतर मुख्यमंत्री जी द्वारा: हिंदी में

  • कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की ग्यारस को, देवउठनी एकादशी मनाई गई। इस दिन गन्ने का मण्डप बनाकर तुलसी का विवाह किया जाता है। चार माह पहले देवशयनी एकादशी से रूके हुए मांगलिक कार्य इस दिन पुनः शुरू हो जाते हैं। शादी-ब्याह व अन्य संस्कारों के लिए देवउठनी एकादशी का इंतजार किया जाता है।  
  • गुरूनानक जयंती, गुरू पूर्णिमा, पुन्नी मेला, आदि त्यौहारों के अवसर पर मैं आप सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

महिला उद्घोषक

  • मुख्यमंत्री जी, राज्योत्सव के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री जी ने छत्तीसगढ़ को आदरणीय पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के सपनों को पूरा करने वाला राज्य बताया है। इससे राज्य की नीतियों और योजनाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?

    मुख्यमंत्री जी

  • यह वर्ष पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। पं. उपाध्याय जी ने एकात्म मानववाद तथा अंत्योदय के सिद्धांत से समाज के सबसे पिछड़े और सबसे कमजोर व्यक्ति की सेवा को मानव धर्म और सामाजिक जीवन का उद्देश्य बताया था।
  • मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ में हमने अंत्योदय को राज्य की तमाम नीतियों और योजनाओं का मूलमंत्र बनाया।
  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिलाओं , गांव-गरीब-किसानों के जीवन में बेहतरी लाने के लिए हमने अनेक योजनाएं बर्नाइं। हमारी जनकल्याणकारी योजनाएं राज्य में तो बहुत सफल हुई हैं, साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी पसंद की गई हैं।
  • हमें छत्तीसगढ़ की नई राजधानी बनाने का सौभाग्य मिला है। इस कड़ी में हमने ‘नया रायपुर’ को न सिर्फ विश्व के सबसे अच्छे राजधानी शहर के रूप में विकसित किया है, बल्कि इस विश्वस्तरीय अधोसंरचना से सजे हुए शहर को अंत्योदय की प्रेरणा का केन्द्र भी बनाया है। यहां कमजोर तबकों को रहने, बसने और काम करने की सारी सुविधाएं समान रूप से मिलेंगी।
  • अपने संकल्प का उद्घोष करने के लिए हमने ‘नया रायपुर’ की केन्द्रीय सड़क को ‘एकात्म पथ’ का नाम दिया है और इस पथ के मध्य में स्थित विराट चौराहे पर पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा स्थापित की है, जिसका अनावरण माननीय प्रधानमंत्री जी ने किया है। इस तरह नया रायपुर में एकात्मपथ, ‘जनपथ को राजपथ’ से जोड़ने वाला मार्ग बन गया है, जो एक ओर शासन- प्रशासन को गरीबों के प्रति संवेदनशील बनाये रखेगा, वहीं दूसरी ओर गरीबों के मन में अपने अधिकारों की अलख जगाये रखेगा।

पुरूष उद्घोषक

  • मुख्यमंत्री जी, भारत में वर्षों से चल रहे पांच सौ और एक हजार रूपए के करंसी नोट को 9 नवम्बर, 2016 से बंद करने का निर्णय भारत सरकार ने लिया है। तत्काल प्रभाव से अर्थात 8 नवम्बर 2016 की रात 12 बजे से ही यह फैसला लागू हो गया है। इसे आप किस तरह देखते है?

मुख्यमंत्री जी

  • माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। 500 और एक हजार रूपए के नोट को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्णय से कालाधन की विकराल समस्या पर अंकुश लगेगा, जाली नोटों से निपटने, भ्रष्टाचार और आतंकवाद पर नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। माननीय मोदी जी की यह सर्जिकल स्ट्राइक  भारत को आर्थिक मजबूती देगी। इससे माननीय मोदी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति, उनके साहसिक और दूरदर्शी निर्णय के रूप में ही देखा जाएगा। नई व्यवस्था होने पर स्वाभाविक रूप से प्रारंभिक कुछ दिनों तक छोटी-मोटी समस्याएं सामने आती हैं, जिसके निराकरण लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस फैसले का पुरजोर स्वागत होना चाहिए, क्योंकि इससे ईमानदार भारत की छवि और निखर जाएगी, जिसका लाभ हर स्तर पर मिलेगा।

महिला उद्घोषक

  • मुख्यमंत्री जी, राज्योत्सव के उद्घाटन के लिए पधारे माननीय प्रधानमंत्री जी के हाथों से ’’सौर सुजला योजना’’ की शुरूआत भी हुई। इस योजना से किसको और क्या लाभ मिलेगा ?
  • छत्तीसगढ़ में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण किसानों को बहुत तकलीफ का सामना करना पड़ता है। बिजली की पहुंच आसान नहीं होने के कारण, या बिजली पहुंचाना बहुत खर्चीला होने के कारण, यहां के किसान भाई बिजली से चलने वाले सिंचाई पम्पों का उपयोग नहीं कर पाते थे। इस स्थिति को देखते हुए हमने किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पम्प बहुत ही रियायती दरों पर देने का निर्णय लिया है। दो वर्षों में 51 हजार किसानों को सोलर सिंचाई पम्प दिये जायेंगे। साढ़े तीन लाख से साढ़े चार लाख रूपये तक लागत वाले सिंचाई पम्प किसानों को 15 से 30 हजार रूपये तक में उनकी पात्रता के अनुसार मिलेंगे।
  • सौर ऊर्जा अर्थात सूर्य देव की शक्ति । सूर्य देव की महिमा के बारे में आप सब लोग जानते हैं। सूर्य अस्त होता है तो रात होती है। सूर्य भगवान की कृपा से ही अंधेरा छटता है और रोज सुबह होती है। उनकी कृपा से ही मौसम बदलते हैं और सूरज के ताप से ही फसलें पकती हैं। अब छत्तीसगढ़ में सूरज देव की कृपा से खेतों को पानी भी मिलेगा। इससे न डीजल पर खर्च होगा, न प्रदूषण होगा। बिजली का बिल भी नहीं आयेगा । ’’सौर सुजला योजना’’ से ढाई लाख एकड़ में सिंचाई होने लगेगी। हर तरह से ’’सौर सुजला योजना’’ एक क्रांतिकारी पहल है।

पुरूष उद्घोषक

  • माननीय मुख्यमंत्रीजी, किसान भाई-बहनों और उनके परिवारजनों को साल में सबसे ज्यादा जिस बात का इंतजार होता है, वह है समर्थन मूल्य पर धान खरीदी। धान खरीदी से ही किसान के घर का, साल भर का बजट बनता है । राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार इस वर्ष धान खरीदी 15 नवम्बर से शुरू होने वाली है। इस संबंध में क्या तैयारियां की गई हैं? और आप किसान भाइयों से क्या कहना चाहेंगे ?

मुख्यमंत्री जी

  • मुझे खुशी है कि दीवाली के बाद धान खरीदी का उत्सव शुरू हो रहा है और किसानों का इंतजार खत्म हो रहा है।
  • हमने धान खरीदी की व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए किसानों का पंजीयन किया है। आपको यह जानकर खुषी होगी कि इस वर्ष 14 लाख 54 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। यह संख्या विगत वर्ष की तुलना में डेढ़ लाख से अधिक है। इस तरह इस वर्ष राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए अपना मन बनाया है और इसके लिए विधिवत पंजीयन कराया है ।  
  • इस वर्ष धान खरीदी केन्द्रों की संख्या भी बढ़ाकर 1986 कर दी गई है। साथ ही इस साल से 41 मंडियों तथा उपमंडियों में भी धान खरीदी की जायेगी।
  • ज्यादातर पंजीकृत किसानों के जनधन खातों को आधार कार्ड से जोड़ा गया है, जिसके कारण किसानों को भुगतान सीधे उनके जनधन खातों में मिलेगा।
  • इस बार पिछले साल की अपेक्षा 60 रू. प्रति क्विंटल अधिक दर मिलेगी। मोटा धान 1470 रू. और पतला धान 1510 रू. प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जायेगा।
  • समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवम्बर 2016 से 31 जनवरी 2017 तक चलेगी।
  • प्रत्येक किसान से 15 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी की जायेगी।
  • जो धान बेचने के लिए उपार्जन केन्द्रों में लाया जाएगा। उसमें 17 प्रतिशत से ज्यादा नमी नहीं होना चाहिए । यह राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित मापदंड है । अतः किसान भाई धान को सुखाकर बेचने के लिए लायेंगे, तो उन्हें बहुत सुविधा होगी।
  • मैं धान उपार्जन केन्द्रों में काम करने वाले अमले, धान उपार्जन में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील करता हूं कि वे किसान भाइयों के साथ अच्छा व्यवहार करें, सम्मानजनक व्यवहार के साथ-साथ उनका धान खरीदी की पूर्ण व्यवस्था करें। अन्नदाताओं को सहयोग करें। उपार्जन केन्द्रों में किसानों को सभी आवष्यक सुविधाएं प्रदान करें। ताकि उनका काम बहुत अच्छे वातावरण में पूरा हो सके और वे अपना धान बेचकर खुशी-खुशी घर लौटें।
  • सोसाइटी से धान के उठाव की व्यवस्था भी अच्छे से करें ताकि कहीं भी धान जाम न हो और किसी को असुविधा का सामना न करना पड़े, क्योंकि धान जाम होने के बाद में आने वाले किसानों को इंतजार करना पड़ेगा ।
  • मैं बताना चाहता हूं कि हम धान खरीदी की अच्छी व्यवस्था से सिर्फ अपने प्रदेश के किसानों की सेवा ही नहीं करते बल्कि देश की सेवा भी करते हैं क्योंकि इससे देष की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को चावल मिलता है। केन्द्रीय पूल को चावल देने के मामले में छत्तीसगढ़ देष में तीसरे स्थान पर है। यह देश के पीडीएस को चलाने के लिए हमारे किसान भाइयों का बड़ा योगदान होता है।
  • इसके अलावा इन उपार्जन केन्द्रों में मक्का की खरीदी भी 15 नवम्बर से शुरू हो रही है, जो 31 मई 2017 तक चलेगी। मक्के के लिए समर्थन मूल्य 1365 रू. प्रति क्विंटल रखा गया है।

महिला उद्घोषक

  • डॉ. साहब, कल 14 नवम्बर, को बाल दिवस है। इस अवसर पर हम भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू को याद करते हैं, साथ ही इस अवसर पर बच्चों के वर्तमान और भविष्य का चिंतन भी करते हैं। बच्चों को अपना स्नेह और आशीर्वाद देते हैं। इस अवसर पर आपके उद्गार व विचारों को सुनने के लिए प्रदेश के बच्चे प्रतीक्षा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री जी

  • बाल दिवस के अवसर पर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू को मैं श्रद्धा सुमन अर्पित करता हॅू ।
  • प्यारे बच्चों को मेरा बहुत सारा प्यार । मुझे पता है कि इस कार्यक्रम को परिवार के साथ बच्चे भी मन लगाकर सुनते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में बच्चे जिस लगन और मेहनत से अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं, उसे देखकर बहुत खुशी होती है। सभी बच्चों को बाल दिवस की बधाई और शुभकामनाएं ।
  • अभी पिछले दिनों एक बहुत बढ़िया खबर आई थी कि राष्ट्रीय इग्नाइट अवार्ड के लिए प्रदेश के जिन बच्चों का चयन हुआ है वे हमारे प्रदेश के दुर्गम अंचल से आते हैं। यह अवार्ड विज्ञान के क्षेत्र में की गई विशेष पहल के लिए दिया जाता है, जिसमें देश के लाखों बच्चे भाग लेते हैं। इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर 28 बच्चों का चयन हुआ है, जिसमें से 3 बच्चे छत्तीसगढ़ के हैं। इन बच्चों को माननीय राष्ट्रपति के हाथों से पुरस्कार मिलेगा। यह बहुत गौरव का विषय है।
  • बस्तर के नक्सल हिंसा प्रभावित अंचल के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए हमने जो पोर्टा केबिन बनाये हैं, उसमें से एक सुकमा जिले के बुरडी गांव के कक्षा छठवीं के छात्र रोशन सोरी ने पोलिंग बूथ से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मषीन में दर्ज डेटा को सीधे कंट्रोल रूम भेजने के बारे में एक प्रयोग किया है। रोशन के पिता चाहते थे कि उनका बेटा गांव में पषु चराने जाए लेकिन रोषन के मन की पढ़ाई की ललक ने उसे स्कूल पहुंचा दिया। रोशन के मन में लोकतंत्र के सबसे बड़े हथियार मतदान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे। उसे मतपेटी की चिंता हुई कि इसमें बंद मतदाताओं की राय सुरक्षित रूप से गिनती के लिए पहुंच जाए। इसे मैं बहुत बड़ी बात मानता हूं।
  • विशेषकर नक्सलवाद प्रभावित अंचल का एक बच्चा अगर इस स्तर पर सोच रहा है तो इसके मायने भी बहुत बड़े होते हैं। यह लोकतंत्र के प्रति आस्था का अपनी तरह का एक अद्वितीय उदाहरण भी है। यह प्रयोग चुनाव व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अहम है। इस क्रांतिकारी सोच को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार के लिए चुना गया है। मैं कहना चाहता हूं कि रोशन सोरी हमारे बस्तर अंचल और राज्य के सुखद भविष्य का प्रतीक है। वह नई सोच की रोशनी है, जिसके दम पर भविष्य का रास्ता रोशन होगा।
  • दंतेवाड़ा निवासी कक्षा सातवीं की छात्रा इंदु मानिकपुरी की कहानी भी बड़ी रोचक और प्रेरणादायी है। इंदु ने शौचालय बनाने से आगे के बारे में सोच लिया। सेप्टिक टैंक के भरने और ओवर फ्लो से होने वाले प्रदूषण के बारे में उन्होंने चिंता की। इंदु ने सैप्टिक टैंक प्रेषर रिकार्डर का मॉडल बनाया है, जिससे भरे हुये सैप्टिक टैंक की सफाई गैसीफिकेषन से हो जाए और जहरीला प्रदूषण भी दूर हो जाए। उनका सुझाव है कि सैप्टिक टैंक में आलू काटकर डालने से इसकी गंदगी डि-कम्पोज हो जाएगी। मेरा मानना है कि इंदु की खोज स्वच्छ भारत अभियान को भविष्य का रास्ता दिखायेगी।
  • इंदु के पिता स्वर्गीय रमेश मानिकपुरी एक सिविल ठेकेदार थे, जो निर्माण स्थल पर मजदूरों को मजदूरी का भुगतान करते समय नक्सली हिंसा में शहीद हो गये थे। इंदु बिटिया, दंतेवाड़ा जिले के गीदम के अंतर्गत जावंगा एजुकेषन सिटी में राज्य शासन द्वारा संचालित आस्था विद्या मंदिर में कक्षा सातवीं में पढ़ रही है। इंदु की मां ने लम्बे समय तक केरलापाल आंगनबाड़ी में काम किया और अब आस्था गुरूकुल में काम करती है। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि इंदु बड़ी होकर कलेक्टर बनना चाहती है।
  • मैं इंदु के हौसले और उसकी प्रतिभा को सलाम करता हूं। इंदु की मां श्रीमती कल्याणी मानिकपुरी की साधना को नमन करता हूं।
  • विज्ञान की सोच और शोध के लिए इन बच्चों का जुनून अद्भुत है।
  • ये बच्चे संघर्ष में पले-बढ़े हैं लेकिन कुछ कर गुजरने की इच्छा शक्ति के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
  • इसके पहले नक्सल हिंसा से प्रभावित अंचलों के 29 बच्चों ने इसी साल, प्रयास संस्था की शिक्षा-दीक्षा को सार्थक करके दिखाया और भारत के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेष के लिए चुने गये।
  • कोरबा निवासी श्रेयांस जायसवाल ने बैडमिंटन में सीनियर वर्ग में भारत का नम्बर एक खिलाड़ी बनने का दर्जा हासिल किया है। इसी प्रकार आकर्षि कश्यप ने अंडर 17 वर्ष वर्ग देश में अव्वल स्थान बनाने का श्रेय उन्हें जाता है। इन दोनो को बधाई।
  • अभी हम देख रहे है कि छत्तीसगढ़ के बच्चे न केवल शिक्षा के क्षेत्र में, खेल के क्षेत्र में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी उन्होंने अपना नाम आगे बढ़ाया है।
  • अभी राष्ट्रीय टी.वी. चैनल के लाइव शो हम देख रहे है, जिसमें हमारे छत्तीसगढ़ के एक बेटा और एक बेटी ने कमाल किया है और लास्ट छटवंे नम्बर में ये पहुंचने में शामिल हुए है आपने जरूर देखा होगा एक छोटी सी लड़की अनन्या चौकसे का आत्मविश्वास भरा नृत्य जिन्होंने पूरे देश में धूम मचाई हे। दूसरा बच्चारायपुर की तंग बस्ती का रहने वाला लक्ष्मण इन दिनों एक टीवी चैनल के लाइव-षो में धूम मचा रहा है। उसके पिता सीताराम रिक्षा चलाते हैं। लेकिन परिवार की तंग भरी हालत लक्ष्मण का रास्ता रोक नहीं पाई। लक्ष्मण ने अपनी लगन और मेहनत के बल पर एक मुकाम हासिल किया। मेरी शुभकामना लक्ष्मण और अनन्या चौकसे के साथ हैं कि वह विजेता बने और  खेलकूद व अन्य क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ का नाम रौशन करें। आप भी अपना वोट देकर उन्हें प्रथम स्थान पहूंचाने में मदद कर सकते है। आपका भी सहयोग उन्हें चाहिए।
  • बाल दिवस पर मैं प्रदेष के निवासी भाई-बहनों से अपील करता हूं कि बच्चों को हिफाजत से रखें।
  • बेटे-बेटी में कोई भेदभाव न करें। सभी को बराबरी से पढ़ायें, लिखायें और अच्छे संस्कार दें।
  • बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए दर्जनों कानून लागू है।
  • बाल विवाह प्रतिषेध कानून, बाल श्रम प्रतिषेध कानून, प्रसव पूर्व निदान तकनीक कानून, किषोर न्याय कानून, बाल संरक्षण अधिकार कानून, अनिवार्य तथा निःषुल्क षिक्षा का अधिकार कानून आदि अनेक कानूनों का पालन प्रदेष में किया जा रहा है। मैं चाहता कि सब लोग मिलकर बच्चों के अधिकारों के संरक्षण में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी निभायें।
  • आज के बच्चे ही कल के कर्णधार हैं। इसलिए भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए, वर्तमान में बचपन बचाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। यह जिम्मेदारी पूरे समाज की है।

    पुरूष उद्घोषक

  • श्रोताओं! आपकी प्रतिक्रियाएं हमें आपके पत्र, सोशल मीडिया-फेसबुक, ट्विटर के साथ SMS से भी बड़ी संख्या में मिल रही हैं। इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।
  • आगे भी आप अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में RKG के बाद स्पेस लेकर अपने विचार लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेजते रहिए और संदेश के अंत में अपना नाम और पता लिखना ना भूलें।
  • मुख्यमंत्री जी, हमारे श्रोताओं से जो प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, वे सब चाहते हैं कि आप उस पर कुछ कहें ?

मुख्यमंत्री जी

  • श्रोताओं, आप लोगों के पत्र और मेसेज पाकर मुझे बहुत अच्छा लगता है और कई उपयोगी सुझाव भी मिलते हैं।
  • तिल्दा विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम भड़हा से श्री शंकर साहू ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई सुझाव भी दिये हैं।
  • अंबागढ़ चौकी के गांव सिरमुण्डा से राजेन्द्र, कांति, हेमा और सूरज दामले ने उज्जवला योजना पर प्रसन्नता जाहिर की है। इसी प्रकार चरडोंगरी के जय छत्तीसगढ़ श्रोता संघ ने रेडियो के माध्यम से जागरूकता लाने का स्वागत किया है।
  • भिलाई से छगन लाल और मीना नागवंशी ने परम्परागत खेलों पर ज्यादा ध्यान देने का सुझाव दिया है।
  • ग्राम कमेली दक्षिण बस्तर से श्री रवि मरकाम का कहना है कि लाइफ लाइन एक्सप्रेस से बहुत लाभ मिला है इसे किरंदुल में भी आना चाहिए।   
  • भाठापारा, चारामा, उत्तर बस्तर के अंतर्गत साल्हेटोला स्कूल में षिक्षक श्री दिनेष वर्मा ने मुझे पत्र भेजकर बताया है कि वे रमन के गोठ से प्रेरित होकर हर रोज तीन पालकों को फोन करते हैं और उनके बच्चों के बारे में चर्चा करते हैं। इस तरह वास्तव में यह एक अच्छा प्रयास है। बड़ी संख्या में आप लोगों के पत्र, संदेष, सोषल मीडिया पर राय मिलना सुखद है।
  • आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद, जय जोहार, जय हिंद, जय छत्तीसगढ़।


महिला उद्घोषक

  • श्रोताओं, अब बारी है ‘क्विज’ की।

छठवें ‘क्विज’ का प्रश्न था-
    ‘नोनी सुरक्षा योजना’ किसके लिए है?
    जिसका सही जवाब है - A. नवजात बेटी  

  • सबसे जल्दी जिन पांच श्रोताओं ने सही जवाब भेजे हैं, उनके नाम हैं-

    1.    संतोषी सिंह, ग्राम पोंडीपाली, जिला कोरबा
    2.    अनुराग गुप्ता, अम्बिकापुर, जिला सरगुजा
    3.    दुर्गाराम साहू, ग्राम चारडोंगरी, जिला कवर्धा
    4.    संतू जांगड़े, ग्राम सम्बलपुर, जिला कांकेर
    5.    बाल किशन, ग्राम कर्रीचालगली, जिला बलरामपुर


पुरूष उद्घोषक

  • और श्रोतओं अब समय है सातवें क्विज़ का।

    जिसका सवाल है-

  • सौर सुजला योजना के अंतर्गत दिये जाने वाले पम्प कैसे चलेंगे ?

- इसका सही जवाब : A. सौर ऊर्जा या
                B . डीजल
   में से कोई एक है।

  • अपना जवाब देने के लिए, अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में QA लिखें और स्पेस देकर A या B जो भी आपको सही लगे, वह एक अक्षर लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेज दें। साथ में अपना नाम और पता अवश्य लिखें।
  • आप सब रमन के गोठ सुनते रहिए और अपनी प्रतिक्रियाओं से हमें अवगत कराते रहिए। इसी के साथ आज का अंक हम यहीं समाप्त करते हैं। अगले अंक में 11 दिसम्बर को होगी आपसे फिर मुलाकात। तब-तक के लिए दीजिए हमें इजाजत। नमस्कार।

                                                                                                                                         

 

Date: 
13 November 2016 - 9am