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‘रमन के गोठ’ आकाशवाणी से प्रसारित विशेष कार्यक्रम ( दिनांक-11 सितम्बर 2016, समय-प्रातः 10.45 से 11.05 बजे )

श्रोताओं नमस्कार !
(पुरूष उद्घोषक की ओर से)

  • आकाशवाणी के महत्वपूर्ण प्रसारण ‘रमन के गोठ’ में हम, आप सभी श्रोताओं का हार्दिक स्वागत करते हैं।
  • श्रोताओं, ‘रमन के गोठ’ की तेरहवीं कड़ी के लिए हम आकाशवाण के स्टुडियो में उपस्थित है हमारे साथ माननीय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी, डॉक्टर साहब नमस्कार स्वागत है आपका इस कार्यक्रम में।

 

 

 

मुख्यमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ी में

  • नमस्कार। जम्मो संगी-जहुंरिया, सियान-जवान, दाई-बहिनी मन ला जय जोहार।
  • छत्तीसगढ़ म चारों मुड़ा गणेश पक्ष के धूमधाम चलत हे। गणेश भगवान ल सुखकर्ता-दुखहर्ता कहे जाथे।
  • में हर गणेश भगवान ले बिनती करत हंव, के आप सब मन के जिनगी ल खुशहाल बनाय, अऊ जम्मो दुःख-तकलीफ, बाधा ल हर ले।
  • तिहार के उमंग, हमन ल खुसी के संगे-संग नवा ताकत घलो देथे।
  • एखर कारन हमर परम्परा, पुरखा मन के रीत-रिवाज, संस्कार, नवा पीढ़ी तक पहुंचथे।
  • ए महीना के शुरूआत ले साल भर के तिहार शुरू हो गेहे।
  • पोरा गिस त तीजा आइस। हमर तिजहारिन दाई-बहिनी मन के ये सबले बड़े तिहार आय। वो-मन सालभर अगोरा करथें, के कब तीजा आय, अऊ मइके ले ददा-भाई लेवाय बर आय। में-हर प्रार्थना करथंव, के हमर दाई-दीदी मन के , जम्मो परिवार के रक्षा होय।
  • तिहार-बार ल जिनगी ले कइसे जोड़े जाथे, एखर बने उदाहरण हे। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ह, सन् 1893 म गणेश उत्सव ल आजादी के लड़ाई ले जोड़ के, ओखर स्वरूप ल सार्वजनिक बना दिस। तब ले गणेश उत्सव सामाजिक संदेश दे के, माध्यम बने हे।
  • राजनांदगांव जिला के इन्दावानी ग्राम पंचायत के हमर तिजहारिन बहिनी मन ह एक नवा उदाहरण दे हे। ये मन तय कर ले हे, के तब तक मइके नइ जाना हे, जब तक जम्मो घर म शौचालय नइ बन जाय। सरपंच सुनीता साहू, अऊ ओखर संगवारी मन ल बधाई देवत हंव। अऊ छत्तीसगढ़ के भाई-बहिनी मन ल तिहार के नवा मतलब खोजे बर संदेश देवत हंव।

हिन्दी में...

  • पिछले हफ्ते शिक्षक दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। अच्छे शिक्षक हमें पूरी जिंदगी याद रहते हैं। शिक्षकों के योगदान से ही उनका सम्मान होता है। मैं चाहता हूॅ कि हमारे शिक्षक-शिक्षिकाएं अपने जीवन को ऐसा उदाहरण बनाएं, जिससे उन्हें सिर्फ शिक्षक दिवस पर ही नहीं, बल्कि हमेशा याद किया जाएगा।
  • परसो ईद-उल-जुहा है, जो मुस्लिम भाई-बहनों का पर्व है। लेकिन हमारे यहां सभी धर्मों, समुदायों के पर्व-त्यौहारों को मिल जुलकर मनाने की आदर्श परम्परा है। इससे समाज में समरसता और सद्भाव बना रहता है।
  • विश्वकर्मा जयन्ती, ओणम आदि त्यौहारों के लिए आप सबको
  • बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।
  • आगामी माह की शुरूआत में आदि शक्ति देवी के नौ स्वरूपों की आराधना का पर्व, नवरात्रि पूरी श्रद्धा से मनाया जाएगा।
  • छत्तीसगढ़ में मातृ शक्ति के सम्मान की परम्परा है, जिसे प्रदेश में महिलाओं के मान-सम्मान, उनके अधिकारों की रक्षा और सशक्तीकरण को बल मिलता है।
  • मैं चाहूंगा कि त्यौहारों को हम, आज के समय की चुनौतियों और ऐसे कार्यों से जोड़ें, जो हम सबके जीवन को सरल बनाने में सहायक हों। त्यौहारों के अवसर पर मानव सेवा और जरूरतमंदों के कल्याण के काम करें। मेरी अपील है कि त्यौहारों में आपने समाज में सबके विकास और विभिन्न तबकों की सुरक्षा के लिए क्या-क्या नए संकल्प लिए, इसकी जानकारी भी मुझे भेजें।
  • मुझे यह कहते हुए खुशी होती है कि हमारे राज्य में सुधारों के लिए बड़ी तेजी से जागृति आ रही है, जिसके कई उदाहरण देखने को मिलते हैं।
  • कबीरधाम जिले के लोहारा विकासखण्ड के बच्चों ने अपने माता-पिता को पत्र लिखकर उन्हें अपने घर में शौचालय बनाने के लिए तैयार किया। बच्चों की यह मनुहार इतनी मधुर और मोहक थी कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इनकी तारीफ ‘मन की बात’ में की।
  • दुर्ग जिले की भारती महिला स्व-सहायता समूह और गीता स्व-सहायता समूह ने तो स्वच्छता को रोजगार से जोड़ लिया। इन समूहों ने 100-100 घरो में शौचालय निर्माण का ठेका लिया और समय पर पूरा करके दिखाया है। इसके लिए मैं भारती चन्द्राकर और गीता सोनी को बधाई देता हूं।
  • राजनांदगांव जिले के बाजार अतरिया में मिडिल स्कूल के बच्चों ने एक-एक रूपए चन्दा किया और स्कूल में हाथ धोने के लिए साबुन, नेल-कटर, कंघी, दर्पण खरीदा। यह काम दिखने में छोटा जरूर है लेकिन इससे बच्चों में सफाई और इसके लिए साधन जुटाने की आदत पड़ना बहुत बड़ी बात है।

महिला उद्घोषक

  • मुख्यमंत्री जी, आपने सबकी सुरक्षा का जिक्र किया है। जनता की सुरक्षा के अनेक सामाजिक, आर्थिक, प्रशासनिक पहलू होते हैं। कुछ विषय हैं, जिसमें पुलिस और कानून तो हमारी मदद करते हैं, लेकिन नागरिकों को भी जागरूक रहने की जरूरत है, जैसे-मानव तस्करी की चर्चा होती रही है आपका क्या कहना चाहेंगे इस बारे में ?

मुख्यमंत्री जी का जवाब

  • यह बड़ी विडम्बना है कि एक ओर हम 21वीं शताब्दी के वैज्ञानिक विकास की बात करते हैं और दूसरी ओर मानव तस्करी की चर्चा होती है। यह एक वैश्विक समस्या है कि बेहतर रोजगार के लिए बाहर जाने वाले लोगों को कहीं अपराधियों के द्वारा किए जाने वाले शोषण का शिकार होना पड़ता है।
  • एक समय था, जब हमारे जशपुर, रायगढ़, सरगुजा के सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसी बातें बहुत सुनाई पड़ती थीं, लेकिन अब स्थिति वैसी नहीं है। काफी सुधार हुआ है।
  • ‘ह्यूमन ट्रैफिकिंग’ की घटनाओं को रोकने के लिए, देश में सबसे अच्छा काम करने हेतु पुलिस अधीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला को एक राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। उन्होंने जशपुर और रायगढ़ जिले में पुलिस और समाज के सहयोग से इतनी अच्छी प्रणाली विकसित कर दी है कि वहां गांव-गांव में पंचायत पदाधिकारी और सरकारी अमला सक्रिय हो गए हैं। इससे इन जिलों में होने वाली घटनाओं में अंकुश लगा है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस दिशा में अच्छे प्रयासों की प्रेरणा मिली है।
  • हाल ही में बालोद जिला प्रशासन और विशेषकर पुलिस अधीक्षक श्री आरिफ हुसैन के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में संकट में फंसी 32 बेटियों को वापस अपने घर लाने में सफलता मिली है।
  • पद्मश्री शमशाद बेगम ने इन बेटियों को साहसिक प्रशिक्षण देकर उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। जैसा कि आप जानते हैं कि शमशाद बेगम अपने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गांव की सुरक्षा सामाजिक कुरीतियों से लड़ने के लिए कमांडो की तरह तैयार करती हैं।
  • जिला प्रशासन ने इन बेटियों के रोजगार परक प्रशिक्षण और ऋण दिलाने की व्यवस्था की है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत इन बेटियों को बैंक से ऋण दिलाया गया है ताकि वे अपना रोजगार स्थापित कर सकें।
  • मैंने सभी जिलों में प्रशासन को यह निर्देश दिया है कि जो परिवार बेहतर आय के लिए दूसरे प्रदेशों मे जाते हैं, उनके संबंध में समुचित जानकारी, संबंधित पंचायतों में उपलब्ध रहनी चाहिए। समय-समय पर उनकी सुरक्षा की समीक्षा होनी चाहिए। गांव में यदि संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दी जाए। हर तरह की सतर्कता बरती जाए ताकि कोई भी व्यक्ति, ‘मानव तस्करों’ के चंगुल में न फंसे।
  • हमने इस संबंध में एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार द्वारा  दिल्ली में आवासीय आयुक्त के मातहत एक प्रकोष्ठ स्थापित करने का निर्णय लिया है, ताकि आसपास के राज्यों में जाकर यदि कोई शोषण का शिकार होने लगे, तो उसकी जानकारी जल्दी से जल्दी मिले और उसे छुड़ाया जा सके।
  • इस प्रकोष्ठ के माध्यम से नियोक्ता और श्रमिकों के बीच अच्छे संबंध बनाने हेतु समुचित कदम भी उठाए जाएंगे।
  • समय-समय पर ऐसे आयोजन किए जाएंगे, जिससे श्रमिकों को अपने अधिकारों की जानकारी मिले और श्रमिकों की स्थिति की समीक्षा भी होती रहे।
  • छत्तीसगढ़ से अन्य राज्य में काम करने गए लोगों को बीमारी या अन्य परेशानी की स्थिति में तत्काल मदद उपलब्ध कराने तथा अन्य कल्याणकारी कार्य भी इस प्रकोष्ठ के माध्यम से किए जाएंगे।
  • हमें जागरूकता बढ़ाना है। जनता तथा प्रशासन के बीच समन्वय से यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रकार की मानव तस्करी की घटना, प्रदेश के किसी भी जिले में न हो।


पुरूष उद्घोषक

  • डॉक्टर साहब, चिटफंड कम्पनियों के द्वारा हमारे भोले-भाले लोगों को ठगने के बारे में भी खबरें मिलती रहती हैं। लोग ज्यादा ब्याज के लालच में ऐसी कम्पनियों के एजेंट के चंगुल में फंस जाते हैं और बाद में वे ब्याज क्या, अपने मूलधन के लिए भी तरस जाते हैं, क्योंकि ऐसी कंपनियां दो-चार माह बाद सारी एकत्रित रकम लेकर चंपत हो जाती हैं और कहीं मिलती नहीं, इस बारे में क्या कुछ किया जा रहा है ?


मुख्यमंत्री जी का जवाब

  • सच में यह बहुत दुःखद स्थिति होती है, कि आदमी एक-एक रूपया जोड़ता है और जोड़कर अपनी जमा-पूंजी तैयार करता है। ज्यादा ब्याज के लालच में वह ऐसी चिटफंड कम्पनियों के जाल में फंस जाता है।
  • मैं श्रोताओं से यह अपील करता हूॅ कि अपनी जमा-पूंजी  सुरक्षित बैंकों में ही रखें। बिना जांच-पड़ताल किए किसी भी संस्था में पैसा जमा न करें।
  • एक बात आपकी जानकारी के लिए मैं देना चाहूँगा दुनिया में कोई ऐसा बैंक नहीं है या ऐसा कोई कम्पनी नहीं जो 30 प्रतिशत, 40 प्रतिशत ब्याज दर दे यदि ज्यादा ब्याज दर का लालच आपको दिखाते है तो समझिये ये कम्पनी फ्राड है और इस कम्पनी से दूर रहे और पुलिस को इसकी सूचना तत्काल दें।
  • आपको यह जानकर खुशी होगी कि छत्तीसगढ़ में हमने एक कड़ा कानून बनाया है, जो चिटफंड कम्पनियों के गोरखधंधों से राहत दिलाएगा। इस कानून के तहत हमने प्रावधान किया है कि किसी भी संस्था को जनता से पैसे इकट्ठा करने के पहले जिला कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी।
  • हमारे युवा साथी रोजगार के अवसर को देखकर इन चिटफंड कंपनियों से जुड़ जाते हैं। मैं उन्हें आग्रह करता हूं कि इससे बचंे। क्योंकि चिटफंड कंपनियों के कोई जिम्मेदार व्यक्ति सामने नहीं होते और वे स्थानीय युवाओं का चेहरा सामने रखकर काम करते हैं। कंपनी तो जनता का पैसा लेकर चंपत हो जाती हैं, लेकिन हमारे मासूम स्थानीय युवा फंस जाते हैं और ठगी गई जनता के आक्रोश का शिकार होते हैं।
  • मैं ग्रामीण अंचल में पदस्थ सभी सरकारी अमले से अपील करता हूं कि वे चिटफंड कम्पनियों के गोरखधंधे से सतर्क रहें और जनता को भी बचाएं। कोटवार, पटवारी, नायब तहसीलदार, पंचायत, महिला बाल विकास विभाग, बैंक आदि के अधिकारी-कर्मचारी, डॉक्टर, शिक्षक-शिक्षिकाएं आदि जनता को ऐसी संस्थाओं के खिलाफ जागरूक करें और जनता की खून-पसीने की कमाई की सुरक्षा में योगदान करें।

पुरूष उद्घोषक

  • मुख्यमंत्री जी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश में नये -नये आयाम तय किया जा रहा है, आपने अंबिकापुर में मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा भी पूरा कर दिया है। राज्य के उत्तरी क्षेत्र में खोले गए इस नए मेडिकल कॉलेज का क्या औचित्य है?

मुख्यमंत्री जी का जवाब

  • चिकित्सा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में निर्माण के साथ बहुत सारे कमियां थी और न हमारे पास मेडिकल कॉलेज थे न हमारे पास नर्सिंग कॉलेज थे।
  • सरगुजा छत्तीसगढ़ के नक्शे में सिर और माथे की तरह है।
  • मुझे खुशी है प्रदेश की चारों दिशाओं में मेडिकल कॉलेज खोलने का जो संकल्प लिया था, वह संकल्प सरगुजा में मेडिकल कॉलेज खोलने के साथ पूरा हो गया है।
  • हमने जगदलपुर, राजनांदगांव, रायगढ़ के बाद सरगुजा में मेडिकल कॉलेज खोलकर चारों दिशाओं में, चारों कोनों में चिकित्सा शिक्षा के किले बना दिए हैं, जो प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेंगे।
  • मैं कहना चाहता हूं कि सरगुजा में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए हम काफी दिनों से प्रयास कर रहे थे लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। केन्द्र में माननीय मोदी जी की सरकार बनने के बाद जिस तरह का सहयोग मिला, नीतिगत निर्णय लिये गये उसके कारण हम यह मेडिकल कॉलेज अभी शुरू कर पाए हैं। इसके लिए मैं माननीय मोदी जी और केन्द्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा जी को धन्यवाद देता हूं।
  • मेडिकल कॉलेज का मतलब सिर्फ एक शिक्षा संस्थान ही नहीं होता, बल्कि इसके साथ सर्वसुविधायुक्त विशाल अस्पताल भी जुड़ता है, इसके साथ स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप शोध और अनुसंधान के केन्द्र का विकास होता है।
  • सरगुजा का मेडिकल कॉलेज सिर्फ इस संभाग के 5 जिलों के लिए नहीं बल्कि सीमावर्ती मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और झारखण्ड तक के लिए आशा का केन्द्र बनेगा।
  • फिलहाल सैनिक स्कूल परिसर में यह मेडिकल कॉलेज खोला गया है, लेकिन हमने गंगापुर में 40 एकड़ भूमि दे दी है जहां 400 करोड़ रूपए की लागत से विशाल भवन और परिसर का निर्माण किया जाएगा।
  • मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि बस्तर के सीमावर्ती जिलों  बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में भी स्वास्थ्य सुविधाओ में के साथ विकास हुआ हैं और इसमें जिला प्रशासन का बड़ा योगदान है।
  • बीजापुर में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनने के बाद, अब वहां बड़े ऑपरेशन भी होने लगे हैं। जिला कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली ने व्यक्तिगत पहल करते हुए व्हाटस एप पर सूचना देकर डॉक्टरों को बीजापुर अस्पताल में काम करने के लिए आमंत्रित किया, जिसका अच्छा असर हुआ है और उन्हें वहां काम करने के लिए डॉक्टर मिलने लगे हैं।
  • इसके अलावा बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने मिलकर ‘लाइफ-लाइन एक्सप्रेस’ को बुलाना सुनिश्चित किया है।
  • इन तीनों जिलों के लिए यह पहला अवसर है, जब ‘लाइफ-लाइन एक्सप्रेस’ में यहां के मरीजों का ऑपरेशन होगा। यह एक सर्वसुविधायुक्त ट्रेन होती है, जिसमें ऑपरेशन थियेटर, वार्ड आदि की सुविधाएं भी होती हैं। ट्रेन दंतेवाड़ा में रूकेगी, जहां से मरीजों को लाने ले जाने के लिए समुचित व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी।

महिला उद्घोषक

  • मुख्यमंत्री जी, दो महीने पहले ही आपने हमें ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के बारे में बताया था। क्या इसका क्रियान्वयन शुरू हो गया है? और इससे गरीब महिलाओं को क्या लाभ मिलेगा ?


मुख्यमंत्री जी का जवाब

  • आपने बिल्कुल सही और सामयिक प्रश्न किया है, क्योंकि जिस बात को मैने दो माह पहले कहा था मुझे खुशी है कि हमने ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ पर अमल शुरू कर दिया है। हर जिले के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं, कि 2 वर्षों में किस तरह से चिन्हांकित सभी 25 लाख परिवारों की रसोई को धुएं से मुक्त कर दिया जाए।
  • ‘उज्ज्वला योजना’ के तहत सिर्फ 200 रू. की रजिस्ट्रेशन राशि पर निःशुल्क गैस कनेक्शन, 2 बर्नर वाला चूल्हा, पहला भरा हुआ गैस सिलेण्डर और बीमा सुरक्षा का कवच जैसी सुविधा देने के मामले में भी हम देश के पहले राज्य बन गए हैं।
  • मैं अपील करता हूं कि माताएं-बहनें और उनके परिवार के सदस्य सब लोग रसोई गैस का सुरक्षित उपयोग करना सीखें। वे गैस सिलेण्डर के रेगुलेटर की कार्यप्रणाली को समझें। गैस चूल्हे को चालू-बंद कैसे करते हैं, यह सीखें। गैस सिलेण्डर खुले रहने पर आने वाली गंध को तुरंत पहचानें। सिलेण्डर खड़ा रखना है। सिलेण्डर को चूल्हे से जोड़ने वाली प्लास्टिक की पाइप की सुरक्षा को समझना है।
  • यदि गैस सिलेण्डर खुला रह गया है और उसके कारण रसोई घर में गैस भर गई है, तो वहां घुसकर न तो बिजली के स्विच चालू करें, न लाइटर या माचिस का उपयोग करें। ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे कि आग लग जाए।
  • गैस सिलेण्डर के साथ एजेंसी का टोल फ्री नम्बर दिया जा रहा है, उसे घर में 2-3 जगह लिखकर रखें, ताकि कभी भी आशंका होने पर टोल फ्री नम्बर पर फोन करें। इसमें कोई संकोच न करें।

पुरूष उद्घोषक

  • डॉक्टर साहब, आपने इस बार फिर प्रदेश के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराके अपना वादा पूरा किया है। इन युवा छात्र नेताओं से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं?

मुख्यमंत्री जी का जवाब

  • मेरा स्पष्ट मानना है कि छात्र जीवन से राजनीति की समझ विकसित होना चाहिए और छात्र जीवन से ही हम इस प्रजातंत्र, इस प्रजातंत्र की अच्छाई-बुराई को जानने का समझने का अवसर समझते है व नेतृत्व क्षमता कैसे हमारे युवको में विकसित हो। ये छात्र जीवन से ही हम सीख सकते है।नया खून, नया जोश, नया संकल्प, नई ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने और लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने में छात्र संघ चुनाव मदद करते हैं। छात्र जीवन के दौरान लोगों की अपेक्षाओं को समझने, समस्याओं का निराकरण करना और एक लीडर के रूप में व्यक्तित्व का निर्माण करना बहुत जरूरी है।
  • मैं चाहूंगा कि नवनिर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारी युवाओं की आवाज बनें। उनकी समस्याओं को सही फोरम पर रखें। सकारात्मक रूख बनाए रखें, ताकि वे अपनी पढ़ाई भी अच्छे से पूरी कर सकें। नेतृत्व कौशल के विकास के साथ उच्च शिक्षा की आयामों पर खरे उतरना भी एक चुनौती है। मैं सभी निर्वाचित छात्र संघ पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

महिला उद्घोषक द्वारा

  • श्रोताओं! आपकी प्रतिक्रियाएं हमें आपके पत्र, सोशल मीडिया-फेसबुक, ट्विटर के साथ SMS से भी बड़ी संख्या में मिल रही हैं। इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।
  • आगे भी आप अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में RKG के बाद स्पेस लेकर अपने विचार लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेजते रहिए और संदेश के अंत में अपना नाम और पता लिखना ना भूलें।
  • मुख्यमंत्री जी, हमारे श्रोताओं से जो प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, वे सब चाहते हैं कि आप उस पर कुछ कहें ?

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • एक अच्छी शुरूआत फेसबुक पर आपकी प्रतिक्रया मिलना और उस प्रति फेसबुक पर महेन्द्र साहू ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, श्री तालाम राठिया ने हेलमेट की जांच सही ढंग से करवाने, श्री राधेश्याम शर्मा ने युवा नीति बनाने के लिए सुझाव दिए हैं।
  • श्री चुन्नीलाल प्रधान, सुनील वर्मा, बृजेश योगी, दीनदयाल मौर्या, राज आहूजा, सुरेश चन्द्राकर आदि ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया है, बहुत-बहुत धन्यवाद।
  • SMS के माध्यम से कोरबा से श्री अतुल अग्रवाल ने जीवनदीप समितियों के पुनर्गठन हेतु तथा धमतरी से श्री शेखर सिन्हा ने पुलिस कर्मियों के बारे में चिंता करने का सुझाव दिया।
  • बड़ी संख्या में सुझाव मिल रहे हैं, सभी को शुक्रिया। हम आपके सुझावों का समुचित उपयोग करेंगे।
  • आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद, जय जोहार, जय हिंद, जय छत्तीसगढ़।

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • श्रोताओं, अब बारी है ‘क्विज’ की।

चौथे ‘क्विज’ का प्रश्न था-
-        भूमकाल का नायक किसे कहा जाता है?
इसका सही जवाब है-
    B. गुण्डाधूर

  • सबसे जल्दी जिन पांच श्रोताओं ने सही जवाब भेजे हैं, उनके नाम हैं-

    1.    विश्वानंद चन्द्रा, रायपुर
    2.    करन साहू, पोंड़ीपाली, जिला कोरबा
    3.    अरमान रात्रे, बकतरा
    4.    नम्रता साहू, कवर्धा
    5.    गिरीश गुप्ता, अम्बिकापुर



महिला उद्घोषक द्वारा

  • और अब समय है आज के, अर्थात् पंचम क्विज़ का

    सवाल है- उज्ज्वला योजना के तहत क्या दिया जा रहा है?
    सही जवाब- A. सोलर लैम्प B. रसोई गैस

  • अपना जवाब देने के लिए अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में QA लिखें और स्पेस देकर  A या B जो भी आपको सही लगे, वह एक अक्षर लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेज दें। साथ में अपना नाम और पता अवश्य लिखें।
  • आप सब रमन के गोठ सुनते रहिए और अपनी प्रतिक्रियों से हमें अवगत कराते रहिए। और इसी के साथ आज का अंक हम यहीं समाप्त करते हैं, अगले अंक में 9 अक्टूबर को होगी आपसे फिर मुलाकात। तब-तक के लिए दीजिए हमें इजाजत।

नमस्कार।
 

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Date: 
11 September 2016 - 4pm